CEC ज्ञानेश कुमार इस महीने के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगे। बताया गया है कि वे यहां 26-27 जुलाई को आ सकते हैं। अपने प्रवास के दौरान वे बीएलओ की बैठक लेंगे
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- Published: 17 Jul 2026, 09:46 AM IST
- Last Updated: 17 Jul 2026, 09:46 AM IST
रायपुर। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस महीने के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आएंगे। बताया गया है कि वे यहां 26-27 जुलाई को आ सकते हैं। अपने प्रवास के दौरान वे बीएलओ की बैठक लेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार ज्ञानेश कुमार का बस्तर जाना तय है, लेकिन इसके साथ ही वे बिलासपुर दौरे पर भी जा सकते हैं। बताया गया है कि राज्य में बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त यहां एसआईआर की प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे।
छत्तीसगढ़ में एसआईआर पर अब तक हुआ ये काम
छत्तीसगढ़ में एसआईआर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अपडेट करने का ऐतिहासिक अभियान 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है. करीब 20-22 साल बाद, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चले इस चार महीने के वृहद अभियान में राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं।
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन और डेटा अपडेट
27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए इस मिशन मोड अभियान के बाद 21 फरवरी 2026 को राज्य की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। इस शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की कुल संख्या 1.87 करोड़ से अधिक दर्ज की गई है। सूची को पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर छंटनी की गई, जिसके तहत लगभग 25 लाख अपात्र, मृत, स्थानांतरित या दोहरे नामों को हटाया गया।
डोर-टू-डोर सर्वे, 99 फीसदी गणना प्रपत्रों का वितरण
राज्य के 2 करोड़ 12 लाख से अधिक मतदाताओं में से लगभग 99 फीसदी पंजीकृत लोगों तक घर-घर जाकर प्री-फील्ड एन्यूमरेशन (गणना) फॉर्म और घोषणा प्रपत्र पहुंचाए गए थे। इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए 27,196 बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ), 33 जिला निर्वाचन अधिकारियों और करीब 38,846 बूथ लेवल एजेंटों (बीएलओ) की बड़ी टीम को मैदान में उतारा गया था।
डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी का उपयोग
छत्तीसगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्राप्त गणना पत्रों को तीव्र गति से ऑनलाइन सर्वर पर फीड किया गया। वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मिलान न होने वाले (अनमैप्ड) या विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी कर 13 मान्य दस्तावेजों के जरिए सत्यापन की सुविधा दी गई थी। साथ ही, गैर-मौजूद व स्थानांतरित मतदाताओं की सूची को राजनीतिक दलों की पारदर्शिता के लिए सर्चेबल मोड में अपलोड किया गया।
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