
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान 27 FIR दर्ज
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में 2 अक्टूबर से प्रदर्शन चल रहा है. कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर लगातार प्रदर्शन किया. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने अब तक राष्ट्रीय राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर 27 एफआईआर दर्ज की हैं और इनमें नामजद लोगों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हैं. इन 27 एफआईआर में सबसे अधिक 4 धाराओं का ज्यादा इस्तेमाल किया गया.
ज्यादातर ये एफआईआर सार्वजनिक संपत्ति को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर हमले और हाथापाई करने, सरकारी काम में बाधा डालने के अलावा नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन से जुड़ा हैं. विपक्षी दलों की ओर से प्रदर्शनों के दौरान कथित अराजकता की बार-बार होने वाली घटनाओं के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है.
इन 4 धाराओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल
खास बात यह है कि CEC ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान पिछले 7 दिनों में 27 FIR दर्ज की गई हैं और इनमें से 4 धाराओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया है. 27 में से 22 FIR में BNS की धारा 3(5), 18 में धारा 223(A) और 17-17 FIR में धारा 221 तथा 132 लगाई गई है.
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर 7 दिनों के भीतर कुल 27 FIR दर्ज की गईं. FIR को लेकर किए गए आकलन के मुताबिक, इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 4 धाराओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है. FIR में BNS की धारा 3(5) सबसे ज्यादा शामिल किया गया है.
संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली धारा
इसके अलावा धारा 3(5) को 22 FIR में शामिल किया गया है. यह धारा एक ही इरादे से मिलकर किए गए अपराध में साझा जिम्मेदारी से जुड़ी है. इसी तरह धारा 223 (a) 18 FIR में शामिल है. यह लोक सेवक की ओर से जारी आदेश की अवहेलना से संबंधित है.
साथ ही धारा 221 को दर्ज 17 FIR में डाला गया है. यह लोक सेवक के काम में बाधा डालने से संबंधित है. 17 FIR में धारा 132 भी शामिल है और यह लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला करने या आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है.
PDPP/DPDP की धारा 3 भी 9 FIR में
इसके अलावा, FIR के आकलन के अनुसार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े PDPP/DPDP कानून की धारा 3 भी 9 FIR में लगाई गई है. साथ ही FIR में शामिल कई अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं. BNS धारा 121/ 121(1) भी लगाई गई है और यह लोक सेवक को ड्यूटी करने से रोकने के इरादे से चोट या गंभीर चोट पहुंचाने को लेकर है.
दर्ज एफआईआर में BNS धारा 115(2) में जानबूझकर चोट पहुंचाना, BNS धारा 126 (2) में किसी व्यक्ति का रास्ता गलत तरीके से रोकना शामिल है. यही नहीं BNS धारा 127(2) में किसी व्यक्ति को गलत तरीके से बंधक बनाना या उसकी आवाजाही पर अवैध रोक लगाना. BNS धारा 74/75 यानी महिलाओं के खिलाफ हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल और यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधान शामिल है. BNS धारा 118(1) (खतरनाक साधनों या तरीकों से चोट पहुंचाना) और PDPP/DPDP कानून की धारा 3 के तहत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसे विकृत करने से संबंधित प्रावधान रखा गया है.

जितेन्द्र कुमार शर्मा
साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।
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