Cash Flow Statement एक फाइनेंशियल स्टेटमेंट है, जिससे आसानी से कंपनी का पूरा हिसाब का पता लगाया जा सकता है जैसे पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ.
Published byJyoti Singh
Cash Flow Statement एक फाइनेंशियल स्टेटमेंट है, जिससे आसानी से कंपनी का पूरा हिसाब का पता लगाया जा सकता है जैसे पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ.
New Update
/newsnation/media/media_files/2026/08/03/cash-flow-statement-2026-08-03-19-11-44.jpg)
Cash Flow Statement Photograph: (magnific)
Share Market में ज्यादातर नए निवेशक केवल कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे पर ध्यान देते हैं. लेकिन अच्छा रिटर्न पाने के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि जिस कंपनी के शेयर आप खरीद रहे हैं उसमें असल में कितना कैश आ रहा है और कितना जा रहा है. आपको लग सकता है कि यह जानकारी पाना मुश्किल है लेकिन जो लोग शेयर बाजार की अच्छी समझ रखते हैं वे जानते हैं कि ये जानकारी 'Cash Flow Statement' से मिल सकती है. यह फाइनेंशियल स्टेटमेंट कंपनी की आर्थिक सेहत की साफ तस्वीर दिखाता है तो आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
Cash Flow Statement क्या है?
कैश फ्लो स्टेटमेंट एक ऐसा फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट है जो किसी कंपनी की फाइनेंशियल गतिविधियों की साफ तस्वीर दिखाता है. खासकर यह कि पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ.
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं: यह स्टेटमेंट बताता है कि कंपनी ने बिक्री से कितनी कमाई की, कर्मचारियों की सैलरी और दूसरे खर्चों पर कितना पैसा खर्च हुआ, नई मशीनरी खरीदने में कितनी लागत आई और लोन के जरिए कितनी पूंजी जुटाई गई. इन सभी पहलुओं से जुड़ी जानकारी कैश फ्लो स्टेटमेंट में मिलती है.
Cash Flow Statement के मुख्य हिस्से
कैश फ्लो स्टेटमेंट के मुख्य हिस्सों की बात करें तो इसे तीन भागों में बांटा गया है ऑपरेटिंग कैश फ्लो, इन्वेस्टिंग कैश फ्लो और फाइनेंसिंग कैश फ्लो.
1.Operating Cash Flow कंपनी के मुख्य बिजनेस ऑपरेशन्स से होने वाली कैश की कमाई और खर्च को दिखाता है. इसमें ग्राहकों से मिलने वाली रकम, सप्लायर्स को पेमेंट, कर्मचारियों की सैलरी और बिजनेस से जुड़े दूसरे खर्च शामिल होते हैं. लगातार मजबूत ऑपरेटिंग कैश फ्लो को एक अच्छा संकेत माना जाता है जो बताता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स से सफलतापूर्वक कैश कमा रही है.
2. Investing Cash Flow लंबी अवधि की एसेट्स और इन्वेस्टमेंट से जुड़े कैश फ्लो के बारे में जानकारी देता है. उदाहरण के लिए नई मशीनरी, प्लांट या प्रॉपर्टी खरीदना या मौजूदा एसेट्स बेचना, इन्वेस्टिंग एक्टिविटीज में आता है. अगर कोई कंपनी अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए नई मशीनरी या प्रॉपर्टी पर पैसे खर्च करती है, तो इन्वेस्टिंग कैश फ़्लो नेगेटिव हो सकता है।
3. Financing Cash Flow यह बताता है कि कंपनी अपने ऑपरेशन्स के लिए कैपिटल कैसे जुटाती है या इन्वेस्टर्स और लेंडर्स को पैसे कैसे लौटाती है. इस कैटेगरी में लोन लेना या चुकाना, शेयर जारी करके कैपिटल जुटाना, शेयर बायबैक और डिविडेंड पेमेंट जैसी एक्टिविटीज शामिल हैं.
Positive और Negative Cash Flow क्या बताते हैं?
Positive Cash Flow का मतलब है कि किसी खास समय में कंपनी में आने वाला कैश, बाहर जाने वाले कैश से ज्यादा होता है.
इसके उलट, नेगेटिव कैश फ्लो का मतलब है कि कंपनी से बाहर जाने वाला कैश, अंदर आने वाले कैश से ज्यादा है.
हालांकि, नेगेटिव कैश फ्लो का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब है. उदाहरण के लिए अगर कोई कंपनी भविष्य में अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए प्लांट, मशीनरी या दूसरी संपत्तियों में बड़ा निवेश कर रही है, तो उसका कैश फ्लो कुछ समय के लिए नेगेटिव हो सकता है लेकिन आगे चलकर इससे मुनाफा भी हो सकता है.
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.