Sep 02, 2026 04:51 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

Google ने Canva को टक्कर देने के लिए Google Pics AI डिजाइन टूल लॉन्च किया है, जो AI से इमेज बनाने के साथ-साथ फोटो के अलग-अलग हिस्सों को एडिट, टेक्स्ट को बदलने और इमेज को 4K तक अपस्केल करने की सुविधा देता है। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।

Google Pics टूल में यूजर्स को खास AI फीचर्स का फायदा दिया जाएगा।
टेक कंपनी Google ने AI की मदद से डिजाइन और इमेज जेनरेशन एरिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए Google Pics लॉन्च किया है। यह नया टूल खासतौर से उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जिन्हें सोशल मीडिया पोस्ट, मार्केटिंग क्रिएटिव, पोस्टर या दूसरा विजुअल कंटेंट तैयार करने के लिए अलग-अलग डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती। Google Pics को सीधे Google Workspace के साथ जोड़ा जा रहा है और इसका मुकाबला Canva तथा Adobe Express जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म से हो सकता है।
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Google Pics की सबसे खास बात यह है कि यह केवल टेक्स्ट लिखकर इमेज बनाने वाला AI टूल नहीं है। यूजर किसी इमेज को बनाने के बाद उसके अलग-अलग हिस्सों में बदलाव भी कर सकता है। उदाहरण के लिए किसी फोटो में मौजूद व्यक्ति, ऑब्जेक्ट या दूसरे एलिमेंट को चुनकर उसकी जगह, आकार या रंग बदला जा सकता है। यानी अगर पूरी इमेज अच्छी है लेकिन उसमें मौजूद किसी एक ऑब्जेक्ट का कलर पसंद नहीं आया, तो पूरी फोटो दोबारा बनाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ उसी हिस्से में बदलाव किया जा सकेगा। Google इसी तरह के एडिटिंग फीचर्स को Pics की बड़ी खासियत के तौर पर पेश कर रहा है।
Nano Banana AI की ताकत
Google Pics को Google के Nano Banana 2 इमेज जनरेशन मॉडल की ताकत मिलती है। इसके जरिए यूजर टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर नई फोटोज तैयार कर सकता है। इसके अलावा तस्वीर में मौजूद टेक्स्ट को बदलना या दूसरी भाषा में ट्रांसलेट करना भी संभव है। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए काम का हो सकता है जो अलग-अलग भाषाओं के लिए एक ही डिजाइन के कई वर्जन तैयार करते हैं। उदाहरण के तौर पर किसी कंपनी का प्रमोशनल पोस्ट अंग्रेजी में तैयार करने के बाद उसी डिजाइन के हिंदी या दूसरी भाषा वाले वर्जन को तैयार करना आसान हो सकता है।
Google Docs और Slides में भी काम आएगा
Google Pics को Google Workspace से जोड़ना कंपनी की बड़ी स्ट्रेटजी है। शुरुआती फेज में इसे Google Docs और Google Slides के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा, जबकि Google Drive के साथ इंटीग्रेशन भी आने वाला है। इसका मतलब है कि यूजर को किसी फोटो को डाउनलोड करके अलग डिजाइनिंग ऐप में ले जाने और फिर उसे वापस डॉक्यूमेंट में लगाने की जरूरत कम हो सकती है। इमेज बनाने और एडिट करने का काम Workspace के अंदर ही किया जा सकेगा।
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सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए भी उपयोगी
Google Pics का इस्तेमाल सोशल मीडिया पोस्ट, मार्केटिंग क्रिएटिव, पोस्टर, प्रेजेंटेशन और दूसरा विजुअल कंटेंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है। यूजर एक ही प्रॉम्प्ट से कई डिजाइन ऑप्शंस भी तैयार कर सकता है और पसंद आने वाले डिजाइन को आगे एडिट कर सकता है। यह उन छोटे कारोबारियों, कंटेंट क्रिएटर्स और मार्केटिंग टीमों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जिनके पास हर डिजाइन के लिए प्रोफेशनल ग्राफिक डिजाइनर रखने का बजट या वक्त नहीं है।
Canva से कितना अलग है Google Pics?
Google Pics का सबसे बड़ा अंतर इसके AI-फर्स्ट अप्रोच में दिखाई देता है। Canva का फोकस लंबे समय से टेम्पलेट, ड्रैग-एंड-ड्रॉप डिजाइनिंग, स्टॉक कंटेंट और अब AI फीचर्स के कॉम्बिनेशन पर रहा है। Canva ने 2026 में भी अपने AI फीचर्स को काफी विस्तार दिया है, जिसमें ब्रैंड के फॉन्ट, कलर और स्टाइल को AI के जरिए डिजाइन में लागू करने जैसी फंक्शनैलिटीज शामिल हैं। वहीं Google Pics का जोर शुरुआत से ही AI के जरिए इमेज बनाने और फिर उसके अलग-अलग हिस्सों को नेचुरल लैंग्वेज और कमांड बेस्ड एडिटिंग से बदलने पर है। यह उन यूजर्स को ज्यादा अट्रैक्ट कर सकता है जो डिजाइनिंग के तकनीकी पहलुओं में ज्यादा वक्त नहीं लगाना चाहते।
बता दें, Google Pics का रोलआउट Google Workspace के चुनिंदा पेड प्लान और Google AI Pro तथा Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए किया जा रहा है। इसलिए फिलहाल इसे पूरी तरह फ्री Canva विकल्प के रूप में देखना सही नहीं होगा।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwari
प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
विशेषज्ञता और कार्यशैली
प्राणेश की विशेषज्ञता गैजेट्स, टेक इनसाइट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों में है। वे तकनीकी बारीकियों और
कठिन शब्दावली को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि एक सामान्य पाठक भी तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया को आसानी से समझ सके। लेटेस्ट
गैजेट्स का रिव्यू करना और नए मोबाइल ऐप्स के फीचर्स को आजमाना उनके काम का पसंदीदा हिस्सा है। उनकी लेखन शैली में स्पष्टता,
रिसर्च और कहानी कहने का संतुलन देखने को मिलता है।
अब तक का सफर और उपलब्धियां
प्राणेश ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से की। इसके बाद उन्होंने न्यूजबाइट्स (NewsBytes) में
सीनियर टेक जर्नलिस्ट के रूप में काम किया, जहां उन्होंने तकनीकी रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनसंचार
संस्थान (IIMC), नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं और अपनी प्रतिभा के लिए प्रतिष्ठित PTI अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
लेखन और व्यक्तिगत रुचियां
पत्रकारिता के साथ-साथ प्राणेश एक संवेदनशील और रचनात्मक लेखक भी हैं। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने ‘सिर्फ दोस्त: नए जमाने की
प्रेम कहानियां’ नामक लघुकथा संग्रह लिखा, जिसमें रिश्तों की बारीकियों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
उन्हें स्मार्टफोन, कंज्यूमर टेक और डिजिटल इनोवेशन से जुड़े विषयों पर गहराई से रिसर्च करना और पढ़ना पसंद है। काम के अलावा, उन्हें यात्रा करना भी बेहद पसंद है। उनके लिए यात्राएं केवल सुकून का जरिया नहीं, बल्कि नए अनुभवों और कहानियों को खोजने का तरीका हैं।
चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।
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