महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व WFI प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें बरी कर दिया है।
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृज भूषण सिंह को दिल्ली की कोर्ट ने किया बरी। (Ai Image)
- Published: 03 Aug 2026, 11:10 AM IST
- Last Updated: 03 Aug 2026, 11:11 AM IST
Brij Bhushan Sharan Singh acquitted: महिला पहलवानों की तरफ से दर्ज कराए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह को बहुत बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए बृज भूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को इस मामले से पूरी तरह बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष कानूनी रूप से आवश्यक मानक के तहत आरोपों को साबित करने में असफल रहा, जिसके चलते सबूतों के अभाव में यह फैसला सुनाया गया।
2 जुलाई को सुरक्षित रखा गया था फैसला
यह महत्वपूर्ण फैसला 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद आया है। उस दिन अदालत ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। जनवरी 2023 में सामने आए इस बहुचर्चित मामले में कुल 1,133 दिनों के भीतर 127 बार सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कोर्ट के इस फैसले पर देश भर की निगाहें टिकी हुई थीं।
मई 2024 में तय किए गए थे आरोप
गौरतलब है कि मई 2024 में अदालत ने पूर्व WFI प्रमुख और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने के मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया था। हालांकि, उस दौरान कुल छह शिकायतकर्ताओं में से एक महिला पहलवान की शिकायत के मामले में अदालत ने उन्हें आरोपमुक्त भी कर दिया था।
विनोद पर भी तय हुए थे आरोप और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले में अदालत ने सह-आरोपी और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ भी आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जून को अपनी चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बृजभूषण पर महिलाओं की मर्यादा भंग करने, यौन उत्पीड़न करने, पीछा करने और आपराधिक धमकी देने से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराएं लगाई थीं। अदालत के इस फैसले से पहले तक दोनों आरोपी जमानत पर चल रहे थे।