Updated On: Jul 21, 2026 | 10:38 AM IST
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सार
Bombay High Court: SIR में BLO काम के बढ़ते दबाव, FIR की धमकियों और मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ शिक्षकों ने बॉम्बे HC में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra BLO Duty Teachers Petition: एसआईआर अंतर्गत बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहे शिक्षकों पर बढ़ते कार्यभार, मानसिक दबाव, धमकियों और कथित मानवाधिकार उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र राज्य शिक्षा क्रांति संगठन ने मुंबई उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है। संगठन ने राज्यभर के प्रभावित शिक्षकों से इस कानूनी लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।
अधिक कार्यभार का लगाया आरोप
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर घागस ने कहा कि कई शिक्षकों को एक से डेढ़ हजार से अधिक गणना प्रपत्रों का कार्य सौंपा गया है। उनका कहना है कि इतने कम समय में इतनी बड़ी जिम्मेदारी पूरी करना व्यवहारिक रूप से कठिन है। संगठन का आरोप है कि समय पर काम पूरा नहीं होने पर चुनाव विभाग की ओर से एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा असर
इसके अलावा मुंबई शिक्षकों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार की शिकायतें भी सामने आ रही है। संगठन के अनुसार, शिक्षकों के निजी मोबाइल नंबर मतदाताओं को उपलब्ध कराए जाने के कारण उन्हें सुबह से देर रात तक लगातार फोन और संदेश प्राप्त हो रहे हैं जिससे उनके निजी और पारिवारिक जीवन पर असर पड़ रहा है।
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निजी जीवन भी हो रहा प्रभावित
शिक्षकों का यह भी आरोप है कि उनके निजी मोबाइल नंबर मतदाताओं के साथ साझा किए जाने के कारण उन्हें सुबह से देर रात तक लगातार फोन कॉल और संदेश प्राप्त हो रहे हैं। इससे उनके पारिवारिक और निजी जीवन पर असर पड़ रहा है। संगठन ने इस व्यवस्था की समीक्षा करने और शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग करने का निर्णय लिया है।
राज्यभर के शिक्षकों से जुड़ने की अपील
महाराष्ट्र राज्य शिक्षा क्रांति संगठन ने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत सभी प्रभावित शिक्षकों से इस कानूनी लड़ाई में शामिल होने का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि न्यायालय के माध्यम से शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
