सुजानपुर नगर काउंसिल चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू और भाजपा के जिला महासचिव राजकुमार गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्तारूढ़ दल पर धक्केशाही और असंवैधानिक तरीके से अध्
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भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इस चुनाव के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। चुनाव को हर हालत में रद्द करवाया जाएगा। वहीं, कांग्रेस 2 दिन पहले ही अदालत जाने की घोषणा कर चुकी है।
कांग्रेस ने भी इस चुनाव को नियमों के विपरीत बताया था। निर्वाचन अधिकारी एडीएम धारकलां का कहना है कि नियमों के मुताबिक ही प्रधान और उप-प्रधान का चुनाव करवाया गया। चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षद समय पर नहीं पहुंचे। जिसके चलते 4 पार्षदों के साथ ही प्रक्रिया संपन्न करवाई गई।

जीत के बाद खुशी मनाते आप पार्षद।
जानिए क्या है पूरा मामला
सुजानपुर नगर काउंसिल अध्यक्ष चुनाव 17 जुलाई को करवाया गया। इसमें कांग्रेस, भाजपा और आजाद उम्मीदवारों की गौरहाजिरी में महज 4 पार्षदों ने नीतू मन्हास को सर्वसम्मति से अपना प्रधान और सुरिंदर शर्मा को उपाध्यक्ष चुन लिया। इस पर कांग्रेस विधायक नरेश पुरी और नगर कौंसिल की पूर्व प्रधान अनुराधा बाली ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
दोनों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाने की घोषणा कर दी थी। इस पर निर्वाचन अधिकारी शंकर शर्मा का तर्क था कि 24 घंटे पहले चुनाव संबंधी एजेंडा सभी पार्षदों को दिया गया था। 11 बजे का समय तय किया गया था। लेकिन, कांग्रेस और भाजपा के पार्षद नहीं पहुंचे। फिर कानून के मुताबिक उपस्थित पार्षदों की उपस्थिती में ही चुनाव करवाना पड़ा। जिसमें नीतू मन्हास को प्रधान और सुरिंदर शर्मा निक्का को उप-प्रधान बनाया गया है।

कांग्रेसी विधायक और पार्षदों ने भी हाईकोर्ट जाने का एलान किया है।
चुनाव प्रक्रिया में पहुंचे थे आप के केवल 4 पार्षद
शुक्रवार को हुई चुनावी बैठक में सुजानपुर के वार्ड-11 से पार्षद नीतू मन्हास, वार्ड-14 से सुरिंदर शर्मा निक्का, वार्ड-12 से राणा प्रताप और वार्ड-1 से सुदेश कुमारी ही उपस्थित हुए। कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय पार्षद बैठक में नहीं पहुंच सके।
इसके बाद निर्वाचन अधिकारी शंकर शर्मा ने आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज स्वर्ण सलारिया की मौजूदगी में चारों पार्षदों की वोटिंग करवाई, जिसमें नीतू मन्हास को प्रधान घोषित कर दिया गया। स्वर्ण सलारिया ने कहा कि चुनाव पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर कराया गया है।
भाजपा के 3 बड़े आरोप:
- 17 में से केवल 4 सदस्य मौजूद फिर भी करा दिया चुनाव: पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि नगर काउंसिल में कुल 17 सदस्यों (15 एमसी और 2 विधायक) का कोरम बनता है। लेकिन चुनाव के दिन केवल 4 लोग ही उपस्थित थे। नियमों के मुताबिक 9 सदस्यों का कोरम पूरा होना जरूरी है, लेकिन प्रशासन ने दबाव में आकर 4 लोगों के साथ ही चुनाव प्रक्रिया पूरी कर दी।
- 48 घंटे नहीं, 24 घंटे पहले भेजा एजेंडा: दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि नियमों के अनुसार चुनाव या बैठक का एजेंडा कम से कम 48 घंटे पहले पार्षदों को मिलना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने महज 24 घंटे पहले एजेंडा थमा दिया।
- पीएम मोदी के दौरे का फायदा उठाकर की चालाकी: भाजपा नेताओं का आरोप है कि 17 तारीख को जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था, जिसमें विपक्ष के नेता और पार्षद व्यस्त थे। इसी का फायदा उठाकर आम आदमी पार्टी ने चालाकी से बिना कोरम के चुनाव करवा लिया।
भाजपा बोली- 140 साल के इतिहास में ऐसी धक्केशाही नहीं देखी
जिला महासचिव राजकुमार गुप्ता ने कहा कि सुजानपुर नगर पालिका देश के बंटवारे से भी पुरानी (140 साल पुरानी) है। इतिहास में कभी ऐसा अनैतिक काम नहीं हुआ। अगर ऐसे ही मनमर्जी से अध्यक्ष बनाना था, तो चुनाव कराने का नाटक क्यों किया? सीधे 15 लोगों को मनोनीत ही कर देते। जनता ने किसी को बहुमत नहीं दिया था, लेकिन आप सरकार ने लोगों के भरोसे के साथ विश्वासघात किया है।
2027 के चुनाव में जनता देगी जवाब
पूर्व डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के लिए सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। बिना कोरम के बनी इस कमेटी से सुजानपुर का विकास रुक जाएगा और जनता का नुकसान होगा। लेकिन आम आदमी पार्टी यह भूल रही है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका हिसाब चुकता करेगी।
विकास के दावों पर भी घेरा
भाजपा नेताओं ने कहा कि सुजानपुर में हुए विकास कार्य, जैसे पार्कों और गलियों का निर्माण, उनके कार्यकाल के दौरान किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सुजानपुर में विकास के नाम पर कोई बड़ा काम नहीं हुआ है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को लेकर अदालत का रुख करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी विरोध जारी रखेगी।