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गौरव गोगोई का सरकार पर निशाना
Gaurav Gogoi in Lok Sabha: एक सप्ताह से जारी गतिरोध को समाप्त करते हुए, लोकसभा में मंगलवार को पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि बताया। सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर बोलते हुए, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 2024 में परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कानून लाने के अधूरे कार्य को पूरा किया है। वहीं, कांग्रेस ने मोदी सरकार को पेपर लीक मुद्दे पर घेरते हुए कई आरोप लगाए।
गौरव गोगोई का सरकार पर निशाना
इसके बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस पर पार्टी का पक्ष रखा। गोगोई ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि 2024 के कानून के बावजूद, सार्वजनिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। गौरव गोगोई ने लोकसभा में प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ युवाओं के आंदोलन पर कहा कि माता-पिता ने अपने बच्चों को आशीर्वाद देकर विरोध प्रदर्शन में भेजा क्योंकि यह उनके भविष्य का सवाल है। छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा, हमें उनकी पीड़ा को समझना होगा। गौरव गोगोई ने कहा, 'बिल का विवरण पढ़ कर साफ साफ पता चल जाता है कि ये सरकार शिक्षा विभाग को लेकर गंभीर नहीं है'। छात्राओं पर आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया।
प्रधान और बीजेपी सांसदों पर निशाना
गोगोई ने सरकार और बीजेपी सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा , धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी। जब वे इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में आए तो BJP सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों। गोगोई ने कहा कि ये सरकार शिक्षा के लिए गंभीर नहीं है। संशोधन बिल सिर्फ सरकार का दिखावा है। उन्होंने कहा कि 2024 का कानून कड़ा था तो फिर पेपर लीक कैसे हुए। पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान गोगोई ने कहा कि NTA चीफ पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। साथ ही कहा कि आज सभी बड़े पदों पर RSS के लोग हैं। सासंद ने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। उन पर बल प्रयोग हुआ। लड़कियों को थप्पड़ मारे गए। छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया, हम गृह मंत्री से इस बात का जवाब चाहते हैं।
50 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान
आरएसपी सांसद एन के प्रेमचंद्रन ने प्रस्ताव रखा कि विधेयक को 1 दिसंबर तक हितधारकों के परामर्श के लिए भेजा जाए, ताकि इसे और अधिक फलदायी बनाया जा सके। NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद, जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, सरकार ने सोमवार को लोकसभा में विधेयक पेश किया, जिसमें पेपर लीक के लिए 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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अमित कुमार मंडलauthor
अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।
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