Updated: Thursday, July 16, 2026, 19:38 [IST]
BJP Organisational Rejig (Cabinet Reshuffle) : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर इस समय सबसे बड़ी सियासी हलचल चल रही है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले दिल्ली में भाजपा में बैठकों का दौर तेज है। 15 जुलाई देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग हुई।
इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष मौजूद रहे। इस मैराथन बैठक के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन नबीन और पार्टी के अन्य बड़े नेता पूरी पार्टी रिफॉर्म करने की तैयारी में हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग (पुनर्गठन) का खाका तैयार हो चुका है। माना जा रहा है कि पार्टी की सबसे ताकतवर और फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था 'संसदीय बोर्ड' से लेकर प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट तक में बहुत जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। गठबंधन की फ्लोर स्ट्रैटेजी पर चर्चा के लिए NDA के घटक दलों की एक मीटिंग 21 जुलाई को होने की संभावना है। ऐसे में आइए समझते हैं इस मामले पर अब तक क्या-क्या अपडेट सामने आए हैं।
नितिन नबीन की नई टीम में दिखेंगे चौंकाने वाले चेहरे
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन सबसे युवा चीफ हैं। सूत्रों का दावा है कि नितिन नबीन की नई टीम का आधिकारिक ऐलान इसी हफ्ते हो सकता है। इस नई टीम को फाइनल करने के लिए पिछले कई हफ्तों से मंथन चल रहा था, लेकिन पीएम मोदी के विदेशी दौरों के कारण इस पर अंतिम मुहर लगनी बाकी थी जो अब लग चुकी है।
इस बार संगठन में कई अनुभवी दिग्गजों के साथ-साथ बिल्कुल नए और चौंकाने वाले चेहरों को मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। नई टीम में महिलाओं और युवा नेताओं को पहले से ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट्स को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के सेंट्रल मीडिया विंग को भी पूरी तरह नए सिरे से तैयार करने का प्लान है।

क्या बदलने वाला है BJP का पुराना ढांचा?
द हिंदू की एक रिपोर्ट में इस बात का संकेत दिया गया था कि पिछले कुछ सालों में बीजेपी का दायरा देश भर में बहुत तेजी से फैला है, लेकिन उस अनुपात में पार्टी का सांगठनिक ढांचा नहीं बदला। इसकी वजह से केंद्रीय नेतृत्व पर काम का दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया था। अब इस ढांचे को पूरी तरह से आधुनिक और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए तीन बड़े प्रस्तावों पर काम हो रहा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदा संख्या 45 है, जिसे बढ़ाकर 60 करने का प्रस्ताव है ताकि काम का सही बंटवारा हो सके। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 'क्षेत्र प्रचारकों' की तर्ज पर एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है।
इसके तहत देश के खास और बड़े इलाकों की सीधी जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और खुद अध्यक्ष नितिन नबीन के कंधों पर होगी। पार्टी के सबसे बड़े नीति-नियंता बोर्ड में कई खाली पदों को भरा जाएगा और नए समीकरणों के हिसाब से नेताओं को एंट्री मिलेगी।
यूपी-पंजाब चुनाव से पहले कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें
पार्टी संगठन में बदलाव के ठीक बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी फेरबदल की सुगबुगाहट है। दरअसल केंद्र सरकार में राज्य मंत्री स्तर के कई पद इस समय खाली पड़े हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि हाल ही में कुछ मंत्रियों को अलग-अलग राज्यों में संगठन की कमान सौंप दी गई है। इन खाली जगहों को भरने के लिए नए सांसदों को मंत्री पद की लॉटरी लग सकती है।
इसका सीधा कनेक्शन 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश और पंजाब के विधानसभा चुनावों से भी जुड़ा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। सूत्रों के मुताबिक यूपी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के साथ मिलकर राज्य की नई टीम का ढांचा भी लगभग तय कर लिया गया है। चूंकि यूपी में चुनाव के लिए साल भर से भी कम का समय बचा है, इसलिए बीजेपी अपने सबसे मजबूत गढ़ में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
वनइंडिया हिंदी से एक भाजपा नेता कहा है कि क्योंकि UP और पंजाब समेत कई राज्यों में 2027 में चुनाव होने हैं, इसलिए पार्टी की सेंट्रल लीडरशिप से उम्मीद है कि वह हर फैसला सोच-समझकर और अच्छी तरह सोच-विचार के बाद लेगी। ये बदलाव के मानसून सत्र से पहले पूरा होने की उम्मीद है, जो 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा।