Bangladesh Minority Rights: हरिदास चंद्र कौन? बांग्लादेश में भगवान राम की प्रतिमा बनाने पर क्यों हुए अरेस्ट

Published on 20 जुल॰ 2026

Time Published: Monday, July 20, 2026, 16:12 [IST]

Bangladesh Haridas Chandra Tarani Das Arrest: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा निर्माण से जुड़े हरिदास चंद्र तरणी दास की गिरफ्तारी के बाद हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय सड़कों पर उतर आए हैं।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने प्रतिमा निर्माण रोकने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मामला बनाया है, जबकि पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर हुई है। इस पूरे विवाद पर भारत ने भी चिंता जताते हुए बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

Bangladesh Haridas Chandra Tarani Das Arrest

हरिदास की गिरफ्तारी पर भड़का अल्पसंख्यक समुदाय

ढाका के नेशनल प्रेस क्लब के बाहर 'बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद' के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने हरिदास चंद्र तरणी दास की तत्काल रिहाई की मांग की और सरकार पर धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। परिषद के महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और झूठे मुकदमों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उनका दावा है कि हरिदास की गिरफ्तारी भी इसी कड़ी का हिस्सा है।

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मनी लॉन्ड्रिंग केस या राम प्रतिमा रोकने की कोशिश?

बांग्लादेश के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अनुसार हरिदास को करीब 9.35 करोड़ टका के संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी ने उनके भारत आने-जाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े दावे भी किए हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। उनका कहना है कि पलाशबाड़ी में भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा और मंदिर निर्माण को रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।

राम की तस्वीर के अपमान पर बढ़ा विवाद, 8 मांगों के साथ आंदोलन

गाइबांधा में भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान के बाद हिंदू संगठनों का विरोध और तेज हो गया। 'संयुक्त सनातनी समाज' ने ढाका के शाहबाग इलाके में मशाल जुलूस और मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने आठ प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें अल्पसंख्यक सुरक्षा आयोग का गठन, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और भगवान राम की तस्वीर का अपमान करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग शामिल है।

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भारत ने जताई चिंता, ढाका से सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील

बांग्लादेश में बढ़ते विवाद पर भारत सरकार ने भी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों के अपमान की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश सरकार चरमपंथी तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। फिलहाल हरिदास की गिरफ्तारी, राम प्रतिमा परियोजना और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।