बीकानेर के पांचू एरिया में एटीएम कैश वैन से 51 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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पांचू पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अशोक जाट को पकड़ा है। आरोपी अशोक(22) पुत्र सुजाराम, नोखा के दांवा गांव का निवासी है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
बता दें कि मामले में इससे पहले एटीएम कैश वैन के कर्मचारी विक्रमसिंह कस्टोडियन सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 46 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं।
सारुंडा रोड पर कैश वैन को लूटा था पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड, बीकानेर के हाला ब्रांच मैनेजर आदित्य रावत ने पुलिस को रिपोर्ट दी थी। कंपनी विभिन्न बैंकों से नकदी प्राप्त कर एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। घटना के दिन कंपनी की टीम कैश वैन में नकदी लेकर सारुंडा के लिए रवाना हुई थी।
दोपहर करीब 3 बजे टीम सारुंडा से 5 से 7 किलोमीटर पहले सारुंडा रोड पर पहुंची। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक कैंपर गाड़ी पीछे से आई। उसमें सवार दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों ने ड्राइवर के सिर पर बंदूक तान दी और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने हथियारों के बल पर कैश वैन में रखा कैश बॉक्स लूट लिया, जिसमें करीब 51 लाख रुपए थे। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
कर्मचारी ने साथियों के साथ मिलकर रची थी साजिश पुलिस जांच के अनुसार, कैश वैन में नकदी लोड करने की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी विक्रमसिंह कस्टोडियन ने अपने साथी श्यामसुंदर और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। योजना के तहत 5 अगस्त को नोखा से सारुंडा जाते समय कैश वैन को रास्ते में रोककर कर्मचारियों को डराना और कैश बॉक्स लूटना तय किया गया था।
आरोपियों ने नकदी से भरी कैश वैन को रास्ते में रुकवाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 46 लाख रुपए बरामद कर चुकी है।
पुलिस टीम ने किया गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस थाना पांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी अशोक जाट को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर वारदात में अन्य आरोपियों की भूमिका और शेष रकम के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
कार्रवाई में शामिल टीम पुलिस थाना पांच के थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड़ सहित पुलिसकर्मी पप्पूलाल सुथार, रामनिवास सुथार, सुनील कुमार कानी, धनाराम कानी, रामेश्वर कानी और गणेशाराम डीआर कानी शामिल रहे।