Arvind Kejriwal:

Published on 24 जुल॰ 2026

Arvind Kejriwal: अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के वीडियो संदेश को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल ने वीडियो जारी करके पीएम मोदी के आश्वासन को खोखला बनाया है।

Arvind Kejriwal

  • Published: 24 Jul 2026, 02:50 PM IST
  • Last Updated: 24 Jul 2026, 03:03 PM IST

Arvind kejriwal: आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर की सवाल उठाए हैं। केजरीवाल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर PM मोदी  के वीडियो संदेश को रिपोस्ट करते हुए लिखा है कि कल रात को 12 बजे पीएम मोदी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए क़ानून लाया जाएगा। लेकिन उनका यह आश्वासन कितना खोखला है, ये कल खुद ही साबित हो चुका है।  

केजरीवाल ने  लिखा कि 2024 NEET पेपर लीक के mastermind को कल CBI ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर दिया। अगर ऐसी जांच करनी है, और अगर आपको  सुबूत ही नहीं पेश करने, तो fast-track courts का नाटक क्यों?  मोदी जी, आपकी नीयत में ही खोट है।   

जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने बीते दिन गुरुवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता है, जो भी उनके भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे बक्शा नहीं जाएगा।  नीट पेपर लीक को लेकर युवाओं के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पीएम ने यह भी कहा कि  प्रश्नपत्र लीक के मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए सरकार ने त्वरित अदालतें स्थापित करने का फैसला किया है। 

कल रात को 12 बजे प्रधानमंत्री जी ने ऐलान किया कि पेपर लीक के लिए सोमवार को संसद में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के लिए क़ानून लाया जाएगा।

मोदी जी का दिया आश्वासन कितना खोखला है, ये कल ख़ुद ही साबित हो गया।

2024 NEET पेपर लीक के mastermind को कल CBI ने कोर्ट में निर्दोष घोषित कर… https://t.co/PvpXjiJjQh pic.twitter.com/AuM1AODWnM

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 24, 2026

हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं- पीएम मोदी

मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से बढ़कर कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.' प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर संबंधित प्राधिकारियों और अधिकारियों को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, 'विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।"