AICTSL के दफ्तर में महत्वपूर्ण बैठक: जलसंकट पर चिंता, बायपास पर फूटीलाइन-छूटा फव्वारा, 8 टंकियों से सप्लाय ठप - Indore News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

इंदौर37 मिनट पहले

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अल्प वर्षा से उपजे जलसंकट से निपटने गुरुवार को एआईसीटीएसएल के दफ्तर में महत्वपूर्ण बैठक हुई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिवाली से ही जलसंकट की आशंका जताते हुए, अभी से काम करने की बात कही। हालांकि बैठक से कुछ घंटों पहले बायपास पर पाइपलाइन फूट गई और कई फीट ऊंचा फव्वारा छूट पड़ा। आठ टंकियों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई।

बैठक में विधायक मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी सिलावट व कलेक्टर शिवम वर्मा नहीं पहुंचे। विधायक गौड़ का कहना था, बैठकों से कुछ नहीं होता। पुरानी शिकायतों का ही निराकरण नहीं हुआ।

545 एमएलडी में से इंदौर आता है 415 एमएलडी पानी

निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि निगम रोज 545 एमएलडी पानी लेता है। इसमें से 415 एमएलडी इंदौर पहुंचता है। रास्ते में राऊ, महू और छह से सात पंचायतों को भी पानी दिया जाता है। यशवंत सागर से करीब 30 एमएलडी पानी मिलता है। शहर में करीब 105 टंकियां हैं। इनमें से 95 से रोज पानी दिया जाता है। 10 टंकियों से एक दिन छोड़कर सप्लाई होती है। फीडर लाइन 280 किलोमीटर की है। वितरण नेटवर्क 3101 किमी का है। नर्मदा का कवरेज शहर के करीब 83% क्षेत्र में है।

यशवंत सागर में 16 फीट पानी, जलकुंभी भी

यशवंत सागर की क्षमता 19 फीट है। अभी इसमें 16 फीट पानी भरा है। तालाब में जलकुंभी भी फैल गई है। बैठक के अंत में मंत्री ने महापौर से सिर्फ पानी के मुद्दे पर एमआईसी की बैठक बुलाने को कहा।

जल आपातकाल... अभी से दोगुने टैंकर चला रहे, 40% पानी रोज बर्बाद, दिवाली से ही संकट की आशंका

  • 302 टैंकर चलाना पड़ रहे- पिछली गर्मी में 628 निजी टैंकर चले। सामान्यतः इस मौसम में 100 से 150 टैंकर चाहिए, लेकिन अभी 302 चल रहे हैं। निगम के 84 हाइड्रेंट से टैंकर भरते हैं।
  • बिल ही नहीं चुका रहे- 25 हजार अवैध कनेक्शन वैध हुए, फिर गर्मी में अभियान रोकना पड़ा। हाउसिंग बोर्ड और आईडीए की कॉलोनियों से 15 साल का कनेक्शन शुल्क बकाया है।
  • 40% पानी बर्बाद हो रहा- आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया, निकायों में 30 से 40% पानी बर्बाद होता है। सरकार उपचारित पानी की नीति लाएगी। इंदौर के एसटीपी टर्शरी स्तर के होंगे।
  • टंकियां 3-3 बार भरनी पड़ती हैं- महापौर ने बताया, 24 घंटे सप्लाई के लिए टंकियां तीन बार भरनी पड़ती हैं। जलूद-बीजलपुर लाइन एक घंटा रुकी तो सप्लाई 3-4 घंटे प्रभावित होगी।

किसने क्या कहा?

  • विधायक रमेश मेंदोला : आधी टंकी भरती है और टैंकर भरने लगते हैं। नलों से सप्लाई ही नहीं हो पाती।
  • विधायक मधु वर्मा : नल सप्लाई के समय बड़ी मोटर लगाकर पानी खींचने वालों पर सख्ती होनी चाहिए। पानी चोरी का मुकदमा करो। हालांकि महापौर ने कहा कि पानी चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करने जैसी कार्रवाई नहीं कर सकते।
  • विधायक महेंद्र हार्डिया: मैंने विधायक निधि से 400 फीट गहरा ट्यूबवेल कराया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि उसमें 250 फीट तक केबल, पाइप, मोटर डालते हैं। यह हर जगह हो रहा है। वास्तविक गहराई के हिसाब से पाइप और मोटर नहीं लगाए गए होंगे। इस पर मंत्री विजयवर्गीय ने हैरानी जताई। निगम ने बोरिंग के रखरखाव पर सालाना करीब 4.50 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी दी।
  • मुद्दा उठा कि टैंकरों का वितरण असमान है। पार्षद जितने टैंकर मांगते हैं, उनकी जरूरत की जांच हो।

4 एमएलडी पानी बर्बाद

इधर, बायपास पर गुरुवार को ट्रक की टक्कर से नर्मदा की लाइन फूट गई। निगम के अनुमान के मुताबिक, इस घटना में 3 से 4 एमएलडी पानी व्यर्थ बह गया। इससे बायपास क्षेत्र की 8 टंकियों से होने वाली जलापूर्ति पर असर पड़ा है।

लोगों को आदतों में भी बदलाव करना होगा

इंदौर में जल संकट की आहट सुनाई दे रही है। लोगों को आदतों में बदलाव करना होगा। शावर की जगह बाल्टी से स्नान करें। - कैलाश विजयवर्गीय, नगरीय प्रशासन मंत्री

हर वार्ड का मास्टर प्लान बनाया जा रहा है

हर वार्ड का मास्टर प्लान बनाया जा रहा है, ताकि संकट की स्थिति में सभी तक पानी पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया है। - पुष्यमित्र भार्गव, महापौर

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