Published: Saturday, July 18, 2026, 18:17 [IST]
Ahmedabad Firecracker Factory Fire: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। वस्त्राल इलाके के महमूदपुरा स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी फैक्ट्री उसकी चपेट में आ गई। राहत और बचाव के लिए दमकल, पुलिस और आरएएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था, बावजूद इसके यहां अवैध रूप से संचालन जारी था।
अचानक आग और धमाके से मची अफरा-तफरी
शनिवार दोपहर अहमदाबाद के वस्त्राल क्षेत्र में रामोल-गतराद रोड स्थित महमूदपुरा की टैलेंट फायरवर्क्स फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में पटाखों के कारण कई धमाके होने लगे और आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और आरएएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आठ लोगों की मौत, कई घायल अस्पताल में भर्ती
इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग झुलसकर घायल हो गए। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन का कहना है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। आग की भयावहता को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
महापौर बोले- झोपड़ीनुमा जगह पर चल रही थी फैक्ट्री
घटनास्थल पर पहुंचे अहमदाबाद के महापौर हितेश बारोट और मनपा आयुक्त ने राहत कार्यों का जायजा लिया। महापौर ने बताया कि फैक्ट्री झोपड़ीनुमा ढांचे में संचालित हो रही थी, जिससे आग तेजी से फैल गई। उन्होंने कहा कि घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का फोकस फिलहाल राहत, बचाव और पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद पर है।
लाइसेंस रद्द होने के बाद भी जारी था संचालन
संयुक्त पुलिस आयुक्त जयपाल सिंह के अनुसार, जिस पटाखा फैक्ट्री में हादसा हुआ उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां अवैध रूप से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। आग लगने के बाद आरएएफ के जवान सबसे पहले मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस अब फैक्ट्री मालिक और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रही है तथा कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।