आगरा। शहर में तैनात सफाई कर्मचारियों से जुड़ी तमाम गंभीर समस्याओं और उनके कथित आर्थिक शोषण के मामलों को लेकर ‘सेनेटरी सुपरवाइजर संघ’ का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को आगरा की महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर से उनके कार्यालय में मुलाकात करने पहुंचा। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों के समक्ष आ रही दिक्कतों के त्वरित समाधान की मांग करते हुए महापौर के समक्ष विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को विस्तार से रखा।
वार्डों में पुरानी गैंगों के स्थानांतरण और वेतन का मुद्दा
संघ के संस्थापक राजकुमार विद्यार्थी ने महापौर को अवगत कराते हुए बताया कि आगरा शहर के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से सेवारत 12 पुरानी गैंगों का अन्य वार्डों में स्थानांतरण किया जाना इस समय बेहद जरूरी हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने सफाई मित्रों को हर महीने समय पर वेतन का भुगतान न होने की गंभीर समस्या को भी प्रमुखता से उठाया।
संघ की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे सफाई मित्रों को उनके वेतन में हुई वृद्धि से संबंधित कुल 81 दिनों का बकाया एरियर अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, ‘अग्रवाल एंड कंपनी’ पर यह तीखा आरोप लगाया गया कि उनकी ओर से सफाई मित्रों को अब तक अनिवार्य रूप से मिलने वाले ईएसआई (ESI) कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। कर्मचारियों के भविष्य निधि (फंड) की कटौती में भी बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता होने का दावा करते हुए संघ ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
महापौर ने दिया समस्याओं के जल्द निस्तारण का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखी गई इन तमाम समस्याओं और शिकायतों को महापौर हेमलता दिवाकर ने बेहद गंभीरता और धैर्य के साथ सुना। उन्होंने सभी बिंदुओं पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी इन जायज़ समस्याओं का बहुत जल्द से जल्द उचित समाधान कर लिया जाएगा।
इस मुलाकात के दौरान सेनेटरी सुपरवाइजर संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से संघ के संस्थापक राजकुमार विद्यार्थी, अध्यक्ष रंजीत नरवार, आउटसोर्स प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील पारस, उपाध्यक्ष संजय पाथरे, संजय लहरी, अरुण नरवार, पंडित आशीष शर्मा, सुरजीत कुमार, चौधरी रवि चंचल और अंकित चौहान सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।