भाभा का गिरफ्तार असिस्टेंट टेक्नीशियन निकला सेटर: AEDO एग्जाम में 25 लाख में की थी डील; NEET-UG, CGL परीक्षा में भी की सेटिंग - Patna News

Published on 7 अग॰ 2026

भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में असिस्टेंट टेक्निशयन के पद पर काम करने वाला रौशन कुमार AEDO परीक्षा का सेटर था। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ये खुलासा किया है।

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बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा अप्रैल 2026 को आयोजित की थी। परीक्षा में धांधली की शिकायत के बाद मामले की जांच EOU को सौंपी गई थी।

जांच के दौरान रौशन कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद एक ASP के नेतृत्व में तीन सदस्यीय SIT का गठन किया। टीम 3 अगस्त को मुंबई पहुंची और ट्रॉम्बे स्थित BARC सेंटर से रौशन को गिरफ्तार किया।

रौशन ने किससे और कितने में डील की थी? परीक्षा में धांधली के लिए उसने क्या हथकंडे अपनाए? EOU की जांच में अब तक क्या खुलासे हुए हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

रौशन कुमार से पटना में पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए।

रौशन कुमार से पटना में पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए।

पहले जानिए कैसे आया रौशन का नाम सामने

रौशन नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र के ककरिया गांव का रहने वाला है। पिता का नाम मिथिलेश यादव है। रौशन की नियुक्ति 2025 में मुंबई स्थित BARC में टेक्निकल असिस्टेंट के पद पर हुई थी। फिलहाल वह ट्रेनिंग ले रहा है।

17 अप्रैल 2026 को बिहार के अलग-अलग जिलों में AEDO की परीक्षा चल रही थी। नालंदा के सोहसराय स्थित पीएल साहू हाई स्कूल में भी सेंटर बनाया गया था। इस सेंटर पर पहली पाली के दौरान कमरा नंबर 25 से पटना के कुम्हरार की श्वेता कुमारी, बायोमेट्रिक कंपनी के 2 स्टाफ चंदन कुमार और राहुल कुमार को पकड़ा था। असल में श्वेता कैंडिडेट थी।

'Answer Key' लेकर चंदन और राहुल श्वेता के पास गए थे। इंजीविलेटर ने रंगे हाथों तीनों को पकड़ा था। इसके बाद सेंटर सुपरिटेंडेंट जितेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी। फिर इनके बयान पर FIR दर्ज हुई थी।

EOU के मुताबिक, परीक्षा के दिन रौशन कुमार इसी केंद्र पर मौजूद था। श्वेता के पति का नाम कुणाल है और वो भी उस दिन परीक्षा सेंटर के बाहर मौजूद था।

परीक्षा से पहले रौशन के पास पहुंच गई थी 'Answer Key'

रौशन ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए खुद को परीक्षा केंद्र पर जैमर लगाने वाली कंपनी का कर्मचारी बताया था। किसी को उसपर शक न हो, इसके लिए उसने संबंधित कंपनी की टी-शर्ट भी पहन रखी थी।

EOU के अनुसार, रौशन कुमार के पास परीक्षा से पहले ही क्वेश्चन पेपर की ‘Answer Key’ पहुंच गई थी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि परीक्षा से पहले उसके पास ‘Answer Key’’ कहां से और किसके जरिए पहुंची थी।

EOU ने बायोमेट्रिक सिस्टम के लिए जयपुर की साईं एडूकेयर प्राइवेट लिमिटेड को मैनपावर उपलब्ध कराने वाली कंपनी के सिटी कोऑर्डिनेटर ब्रजेश यादव को गिरफ्तार किया था। ब्रजेश भी नालंदा जिले का रहने वाला है।

25 लाख में हुई थी डील

EOU के मुताबिक, रौशन ही परीक्षा का सेटर था। रौशन ने कैंडिडेट श्वेता कुमारी के पति कृणाल के साथ 25 लाख रुपए में डील की थी।

BPSC ने जब AEDO परीक्षा के लिए विज्ञापन संख्या-87/2025 जारी किया था, उसके कुछ दिनों के बाद ही रौशन ने फर्जीवाड़ा कर श्वेता को परीक्षा में पास कराने की सेटिंग की थी।

इसके लिए बायोमेट्रिक कंपनी साईं एडूकेअर प्राइवेट लिमिटेड के सुपरवाइजर आकाश कुमार, चंदन कुमार, वेंडर ब्रजेश कुमार और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर साहेब कुमार, बबलू कुमार और कई और लोगों ने मिलकर पूरी प्लानिंग की।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच और गिरफ्तारी के बाद रौशन से हुए पूछताछ में ये बातें सामने आई हैं। EOU ने रौशन के बाद सुपरवाइजर आकाश कुमार को भी गिरफ्तार किया है। वो मूल रूप से नालंदा के सोहसराय में तालाब पर इलाके का रहने वाला है। इसके पिता का नाम अरूण कुमार उर्फ कल्लू मुखिया है।

गिरफ्तार आकाश कुमार।

गिरफ्तार आकाश कुमार।

फर्जी आईकार्ड बनाकर चंदन और राहुल की कराई एंट्री

कुणाल के साथ डील तय होने के बाद रौशन ने आकाश कुमार के माध्यम से पूरे काम में शामिल होने के लिए अपने साथी चंदन कुमार को तैयार कराया।

फिर ब्रजेश कुमार और साहेब कुमार की मदद से परीक्षा सेंटर पीएल साहू हाई स्कूल पर BPSC के रेण्डमाईजेशन के माध्यम से प्रतिनियुक्त बायोमेट्रिक सुपरवाइजर विशाल कुमार के स्थान पर फर्जी आईकार्ड बनवाया।

इसकी जगह बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के रूप में चंदन कुमार को भेजा। साथ ही दूसरा फर्जी आईकार्ड बायोमेट्रिक ऑपरेटर के रूप में राहुल कुमार का बनवाया और परीक्षा केन्द्र में एंट्री करवाई।

होलोग्राम पर्ची के बीच छिपाकर ले गया था 'Answer Key'

रौशन ने 'Answer Key' श्वेता तक कैसे पहुंचाई? इस सवाल पर EOU की जांच में पता चला कि रौशन के पास 'आंसर की' परीक्षा से पहले ही आ चुकी थी। उसने इसे चंदन कुमार को दी, फिर राहुल कुमार को दी। होलोग्राम पर्ची के बीच 'Answer Key' को छुपाकर ले गया।

उधर, रूम नंबर-25 में इंतजार कर रही कैंडिडेट श्वेता कुमारी को 'Answer Key' मिली। चंदन खुद भी इस परीक्षा का कैंडिडेट था। उसका परीक्षा केन्द्र मोतिहारी में था। उसने परीक्षा केन्द्र पर भी बायोमेट्रिक स्टाफ के साथ सेटिंग कर रखी थी।

परीक्षा से कुछ दिनों पहले वह अपने गिरोह के साथियों के साथ भागलपुर भी गया था। वहां भी ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों को उत्तर लिखवाने की सेटिंग कर रहा था।

चंदन पिछले 4-5 सालों से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग करवाने का धंधा करता आ रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि इसने 28 जून 2026 को केन्द्रीय चयन पर्षद द्वारा बिहार पुलिस के लिए हुए रेडियो ऑपरेटर और 14 और 18 जुलाई 2026 को हुए मद्य निषेध परीक्षा में भी कई कैंडिडेट्स के साथ सेटिंग कर रखी थी।

NEET UG-2023 की परीक्षा में बैठाया था स्कॉलर

शुक्रवार को EOU ने बताया, आकाश और रौशन ने मिलकर NEET UG-2023 की परीक्षा में भी सेटिंग की। दोनों ने मिलकर एक परीक्षार्थी की जगह स्कॉलर फर्जी तरीके से बैठाया था, जिसे परीक्षार्थी पास भी कर चुका है। अब उस परीक्षार्थी की पहचान की जा रही है।

इन दोनों ने मिलकर बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से आयोजित अमीन बहाली की परीक्षा में भी दो परीक्षार्थीयों के साथ सेटिंग की थी। उन्हें परीक्षा पास करवाया था।

दोनों परीक्षार्थियों के पास आकाश और रौशन का डील के साढ़े तीन-तीन लाख यानी कुल 7 लाख रुपया बकाया भी था। इस रकम को वसूलने के लिए दोनों ने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर किडनैपिंग की साजिश रची थी।

झारखंड CGL परीक्षा की सेटिंग में भी शामिल थे

इसके अलावा इन दोनों का हाथ झारखंड CGL परीक्षा की सेटिंग में भी था। इसके भी सबूत मिले हैं। इन दोनों की सेटिंग बिहार के अंदर ऑनलाइन परीक्षा लेने वाले कई केंद्रों से हैं। जांच में सेटिंग का प्रमाण मिला है।

EOU ने बताया, गिरफ्तार अभियुक्त आकाश कुमार ने AEDO परीक्षा में 4 से अधिक कैंडिडेट के साथ सेटिंग की थी। पूछताछ में बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मियों, मैनेज्ड परीक्षा केन्द्रों, परीक्षार्थियों, सॉल्वर गैंग के संबंध में कई महत्वपूर्ण कनेक्शन मिले हैं।

रुपयों की लेनेदेन के भी सबूत मिले हैं। जिसकी जांच चल रही है। फिलहाल रौशन और आकाश को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। इस केस में अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तारी हुई है। जिसमें कैंडिडेट, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर, बायोमेट्रिक ऑपरेटर और बायोमेट्रिक कंपनी का वेंडर शामिल हैं।