
आयुष सप्रा सोनम वांगचुक अनशन स्थल पर फूड रिव्यू करते हुएImage Credit source: X/@mohitlaws
सोचिए कि देश का कोई नामी सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठा हो, उसका वजन लगातार गिर रहा हो, वहीं दूसरी तरफ कोई फूड व्लॉगर प्लेट में समोसा-चटनी लेकर पहुंच जाए और खाने का रिव्यू करने लगे. सुनने में यह अजीब और थोड़ा असंवेदनशील जरूर लग सकता है, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुछ ऐसा ही अजीब नजारा देखने को मिला है.
मशहूर फूड व्लॉगर आयुष सप्रा (Food vlogger Aayush Sapra) का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है. इस वीडियो में वे NEET पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठेसोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन स्थल पर समर्थकों को परोसे जा रहे समोसे, छोले और राजमा-चावल का जायका लेते और उसका रिव्यू करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद से इंटरनेट दो गुटों में बंट गया है और एक नया विवाद खड़ा हो गया है.
‘सिर्फ सोनम जी भूखे हैं, बाकी सब भरपेट खा रहे हैं’
वायरल वीडियो में आयुष सप्रा जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन स्थल पर घूमते हुए दिखाई देते हैं. वहां जुटे स्वयंसेवकों और प्रदर्शनकारियों के लिए बनाए गए खाने की थाली हाथ में लेकर वे मजाकिया लहजे में कहते हैं-यहां हमारे पास छोले की सब्जी है. रोटियां खत्म हो चुकी हैं क्योंकि डिमांड बहुत ज्यादा है. सिर्फ सोनम जी भूखे हैं, बाकी सब भर-भर के खा रहे हैं. यही नहीं, वीडियो में वे वहां मौजूद लोगों के साथ मजाक करते भी दिखे. एक जगह तो उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है मानो वे सोनम वांगचुक को अपने समोसे और लाल-हरी चटनी दिखाकर चिढ़ा रहे हों.
आयुष सप्रा के फूड व्लॉग पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया
सोनम वांगचुक जैसी गंभीर शख्सियत के भूख हड़ताल वाले मंच पर इस तरह के हल्के-फुल्के फूड रिव्यू को लेकर लोग बुरी तरह भड़क गए हैं. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह देश के युवाओं और सामाजिक मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे एक बुजुर्ग के त्याग का अपमान है.
एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, भूख हड़ताल की खबर सुनकर सिर्फ एक फूड व्लॉगर ही ऐसा हो सकता है जो सीधे ये देखने पहुंच जाए कि आज मेनू में क्या-क्या है. दूसरे यूजर ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, सोनम वांगचुक का वजन 8 किलो से ज्यादा घट गया है और यह भाई वहां जाकर ‘स्वाद ही आ गया’ बोल रहा है. इन्होंने तो प्रोटेस्ट साइट का भी मजाक बना दिया है. एक अन्य शख्स का कहना था, हम बेहद संवेदनहीन दौर में जी रहे हैं, जहां कोई देश के लिए अपनी जान दांव पर लगा रहा है और लोग वहां जाकर रील्स और मीम्स बना रहे हैं. एक और यूजर ने लिखा, गंभीर मुद्दा, घटिया कंटेंट.
क्या वाकई गलत था फूड व्लॉग?
हालांकि, हर कोई फूड व्लॉगर आयुष सप्रा की आलोचना नहीं कर रहा है. इंटरनेट पर एक वर्ग ऐसा भी है जो उनके समर्थन में उतरा है. समर्थकों का तर्क है कि किसी भी बड़े आंदोलन या विरोध प्रदर्शन में आने वाले स्वयंसेवकों, सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों के लिए लंगर या भोजन की व्यवस्था होना एक सामान्य बात है. कुछ लोगों का यह भी मानना है कि इस मजेदार फूड व्लॉग के जरिए कम से कम उन युवाओं तक भी इस गंभीर आंदोलन की बात पहुंची, जो आमतौर पर राजनीतिक खबरों से दूर रहते हैं.
सोनम वांगचुक की हालत चिंताजनक
एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर जंग छिड़ी है, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन को दो सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है. डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार भूखे रहने के कारण उनका वजन 8 किलो से अधिक गिर चुका है और उनकी सेहत काफी नाजुक बनी हुई है.
नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधलियों और अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं. ऐसे गंभीर माहौल में इस फूड व्लॉग ने संवेदनशीलता और कंटेंट क्रिएशन की सीमा को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
यहां देखिए वायरल वीडियो
Food vlogger Aayush Sapra visited Sonam Wangchuks hunger strike site to review the food. pic.twitter.com/07dMQfb7w6
— Mohit Chauhan (@mohitlaws) July 14, 2026

अभिषेक राय
अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.
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