Aaj Ka Mausam: तेजी से करवट ले रहा मौसम का मिजाज, दिल्ली-यूपी सहित 22 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट

Published on 29 सित॰ 2026

कल का मौसम, 29 सितंबर: देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट ले रहा है. कई राज्यों में उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक देश के 22 राज्यों में जोरदार आंधी-तूफान और झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है. इस दौरान 40 से लेकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है.

मैदानी इलाकों में जहां आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश की वजह से भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. समुद्री किनारों पर भी तेज हलचल देखने को मिल रही है, जिसके चलते प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है.

समुद्री क्षेत्रों में गहराया डिप्रेशन का संकट

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट के ऊपर गहरा डिप्रेशन यानी कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है. इस सिस्टम के असर से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश के साथ विकराल आंधी चलने के पूरे आसार हैं. समुद्र के ऊपर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इस भारी उथल-पुथल की वजह से समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की आशंका है. खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन ने मछुआरों को समुद्र के गहरे पानी में न उतरने की सख्त हिदायत जारी कर दी है.

The Deep Depression over north Andaman Sea & adjoining Myanmar coast moved north-northwestwards with a speed of 13 kmph during past 6 hours and crossed the Myanmar coast closed to east of Kyaikto during 1930 hrs to 2130 hrs IST of yesterday, the 28th September 2026, as a Deep… pic.twitter.com/xTaxD2IX1Q

— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 28, 2026

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

एक तरफ जहां समुद्र में दबाव बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है. इस मौसमी बदलाव के चलते जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी बादलों का डेरा रहेगा. इन सभी मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के थपेड़ों के साथ बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं.

राजधानी दिल्ली में बादलों का पहरा

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए राहत और सतर्कता दोनों की खबर है. राजधानी में आंशिक रूप से घने बादल छाए रहेंगे. दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है. हालांकि आने वाले दिनों में आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा, लेकिन इस दौरान धूल भरी तेज हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं.

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश

उत्तर प्रदेश में मौसम का तेवर काफी सख्त नजर आ रहा है. पश्चिमी यूपी के मेरठ, शामली, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, संभल, अमरोहा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली और बदायूं में बारिश की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा पूर्वांचल के गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर और मऊ जैसे बड़े जिलों में भी गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक यह सिलसिला लगातार बना रहेगा. बिजली कड़कने के दौरान खुले खेतों में काम करने वाले किसानों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.

बिहार और झारखंड में मौसम का मिजाज

बिहार के कई इलाकों में भी बादलों की आवाजाही के बीच तेज आंधी और बारिश का अलर्ट दिया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अक्टूबर की शुरुआत तक यह दौर रुक-रुक कर चलता रहेगा. कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी अंदेशा जताया गया है. पड़ोसी राज्य झारखंड में भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है. झारखंड के कई जिलों में गर्जना के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, जहां यह मौसमी गतिविधियां 4 अक्टूबर तक सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है.

प्रमुख शहरों का तापमान

शहरअधिकतम तापमान (29 सितंबर)न्यूनतम तापमान (29 सितंबर)
दिल्ली32°C22°C
मुंबई32°C26°C
चेन्नई34°C27°C
कोलकाता34°C26°C
लखनऊ32°C23°C
पटना33°C24°C
रांची29°C21°C
भोपाल31°C21°C
जयपुर33°C22°C
शिमला23°C13°C
नैनीताल22°C16°C

पहाड़ों पर भूस्खलन और बारिश का दोहरा संकट

पहाड़ी राज्यों में हालात सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं. उत्तराखंड में 4 अक्टूबर तक तेज आंधी, आकाशीय बिजली और मूसलाधार बारिश का सिलसिला रुकने वाला नहीं है. लगातार हो रही बारिश से मिट्टी धंसने और पहाड़ों से पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे रास्तों के बंद होने का खतरा है. वहीं हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से हो रही तबाही के बाद भी राहत मिलती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग ने यहां भारी बारिश और वज्रपात की नई चेतावनी जारी कर दी है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे इलाकों में भी तेज बारिश और तूफानी हवाओं का दौर अक्टूबर के पहले हफ्ते तक बना रहेगा. यात्रियों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील ढलानों से दूर रहने की हिदायत दी गई है.

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