900 मीटर की हवाई दूरी या सड़क मार्ग से 2 किमी दूर... भोजशाला मामले में नमाज स्थल को लेकर विवाद, 29 जुलाई को अगली सुनवाई

Published on 24 जुल॰ 2026

900 मीटर की हवाई दूरी या सड़क मार्ग से 2 किमी दूर... भोजशाला मामले में नमाज स्थल को लेकर विवाद, 29 जुलाई को अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट, भोजशाला में नमाज विवाद.

सुप्रीम कोर्ट में मध्य प्रदेश के धार भोजशाला मामले में शुक्रवार को जब राज्य सरकार ने दावा किया कि नमाज पढ़ने वाले स्थान की दूरी महज 900 मीटर है. तब मुस्लिम पक्ष ने साफ किया कि यह हवाई दूरी है. सर्वोच्च न्यायालय अब मुस्लिम पक्ष की याचिका पर राज्य सरकार का जवाब आने पर अगली सुनवाई 29 जुलाई को करेगा.

सुप्रीम कोर्ट में इस सुनवाई का मुख्य कारण प्रशासन द्वारा नमाज के लिए आवंटित किए गए वैकल्पिक स्थान को लेकर दोनों पक्षों के बीच पैदा हुआ विवाद है.

सीजेआई सूर्यकांत के नेतृत्व वाली बेंच के समक्ष वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने कोर्ट में दलील दी कि प्रशासन ने नमाज के लिए जो वैकल्पिक जगह दी है, वह सड़क मार्ग से करीब 1.3 किलोमीटर से 2 किलोमीटर दूर है.

नमाज स्थल की दूरी पर विवाद

जब राज्य सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि दूरी 900 मीटर है, तब हुजैफा ने कहा वह हवाई दूरी है. हमारे पास हेलीकॉप्टर नहीं हैं. मैं बस यह बताना चाह रहा हूं कि हर बार आपके लॉर्डशिप के आदेश का पालन न करने की कोशिश की जाती है.

हुजैफा ने आगे कहा कि इतनी दूरी की वजह से मुस्लिम समुदाय की दो शुक्रवार की नमाज पहले ही छूट चुकी है. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश एसजी मेहता ने हालांकि दूरी के दावे का विरोध करते हुए कहा कि यह स्थान सिर्फ 900 मीटर दूर है. हालांकि, उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वे प्रशासन से बात कर भोजशाला परिसर के और अधिक नजदीक जगह तलाशने का प्रयास कर रहे हैं.

सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश का अक्षरश और उसकी मूल भावना के साथ पालन होना चाहिए.

29 जुलाई को अब होगी अगली सुनवाई

पिछले आदेश के अनुपालन की समीक्षा के लिए इस अंतरिम अर्जी को 29 जुलाई को सूचीबद्ध किया गया है. गौरतलब है कि अगली तारीख पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस बात पर अंतिम फैसला ले सकता है कि मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए कौन सा सटीक और नजदीक का स्थान आवंटित किया जाए.

जबकि पहले सुप्रीम कोर्ट ने विवादित भोजशाला परिसर को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की अपीलों पर विचार करते हुए 14 जुलाई को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि जब तक मामले में अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज के लिए विवादित स्थल के पास कोई दूसरी खुली जगह मुहैया कराई जाए.

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पीयूष पांडे

पीयूष पांडे

प्रमुखत: सुप्रीम कोर्ट, वित्त मंत्रालय और भारतीय निर्वाचन आयोग की खबरों की जिम्मेदारी. पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. हिंदुस्तान, अमर उजाला, दैनिक भास्कर और आज में सेवाएं दीं. खबरिया चैनल और अखबार के अलावा दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफॉर्म में जिम्मेदारी निभाई, जबकि ऑल इंडिया रेडियो के आमंत्रण पर कई विशिष्ट जनों के साक्षात्कार किए.

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