एक ही दिन में गौतम अडानी के ₹9 लाख करोड़ डूबे, MSCI रीबैलेंसिंग से पहले शेयर ‘डिसबैंलेंस्ड’

Published on 31 अग॰ 2026

Sep 01, 2026 05:29 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • Adani Networth: अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का असर चेयरमैन गौतम अडनी के नेटवर्थ पर पड़ा
  • क्योंकि, उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा इन्हीं शेयरों से आत है
  • ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स की ताजा रैंकिग के मुताबिक अडानी सोमवार के सबसे बड़े लूजर रहे
Gautam Adani

एक ही दिन में गौतम अडानी के ₹9 लाख करोड़ डूब गए

MSCI रीबैलेंसिंग से पहले अडानी शेयरों में सोमवार को आई भारी गिरावट के चलते गौतम अडानी की संपत्ति एक ही दिन में 9.50 अरब डॉलर कम हो गई। भारतीय रुपये में यह रकम 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। सोमवार, 31 अगस्त को अडानी समूह के ज्यादातर शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। अडानी एंटरप्राइजेज से लेकर अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस तक कई शेयरों में 3 से 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट का असर चेयरमैन गौतम अडनी के नेटवर्थ पर पड़ा। क्योंकि, उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा इन्हीं शेयरों से आत है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स की ताजा रैंकिग के मुताबिक अडानी सोमवार के सबसे बड़े लूजर रहे। उनकी संपत्ति अब 103 अरब डॉलर रह गई है और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर आ गए हैं।

कौन शेयर कितना गिरा

अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर सोमवार के कारोबार के दौरान करीब 6.4% गिरकर 2,965.70 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। वहीं अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में करीब 3.36% की गिरावट आई और यह 1,650.10 रुपये तक फिसला। अडानी पावर भी करीब 4.06% गिरकर 204.00 रुपये पर आ गया। अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर भी 3% से ज्यादा गिरकर 1,262.90 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस 7.4% गिरकर 1470.10 रुपये पर था। अडानी टोटल गैस करीब 2.59% गिरकर 620 रुपये तक पहुंचा। वहीं अंबुजा सीमेंट्स और ACC में क्रमशः करीब 2.44% और 1.81% की गिरावट दर्ज की गई।

MSCI बदलाव से आएगा अरबों रुपये का फंड फ्लो

अडानी शेयरों में गिरावट ऐसे समय आई है, जब MSCI के अगस्त 2026 रिव्यू के बाद इंडेक्स में कई बदलाव लागू होने वाले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज में करीब 202 मिलियन डॉलर और अडानी पोर्ट्स में करीब 77 मिलियन डॉलर का संभावित फंड फ्लो हो सकता है। वहीं अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में करीब 310 मिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट फ्लो का अनुमान है।

MSCI ग्लोबल इंडेक्स में लेंसकॉर्ट, लॉरस लैब्स, अडानी एनर्जी सॉल्यूशन और Groww को शामिल किया गया है। दूसरी ओर, कुछ मौजूदा कंपनियों के इंडेक्स वेटेज में भी बदलाव किया गया है। MSCI ने अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट, अडानी पावर का वेटेज भी बढ़ाया है।

फिर क्यों गिरे अडानी के शेयर?

MSCI इंडेक्स में वेटेज बढ़ने से किसी शेयर में संभावित रूप से फंड का प्रवाह बढ़ सकता है, क्योंकि इंडेक्स को ट्रैक करने वाले ETF और पैसिव फंड अपने पोर्टफोलियो में उसी अनुपात में बदलाव करते हैं। इसके बावजूद सोमवार को अडानी शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।

इसका प्रमुख कारण व्यापक बाजार में जोखिम से बचने का रुख और MSCI रीबैलेंसिंग से पहले बढ़ी अस्थिरता माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सोमवार की गिरावट समूह से जुड़ी किसी नई नकारात्मक खबर के बजाय बाजार की मौजूदा स्थिति और रीबैलेंसिंग से जुड़ी गतिविधियों से ज्यादा प्रभावित दिखती है।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें

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