बक्सर के नगर थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर एक युवक पर जानलेवा हमला, हवाई फायरिंग और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित प्रिंस की शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने बबली दुबे समेत नौ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज
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एफआईआर दर्ज होने के बाद बबली दुबे ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया जारी की। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार और एक साजिश का हिस्सा बताया है। बबली दुबे ने कहा कि उन्हें कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
गाली-गलौज का विरोध करने पर किया हमला
पीड़ित द्वारा नगर थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, यह घटना 5 जुलाई की रात को हुई थी। प्रिंस अपने घर लौट रहा था, तभी बबली दुबे और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर रायफल के बट से हमला किया।
आवेदन में बताया गया है कि युवक को जमीन पर पटककर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसके हाथ, पसली और पैर में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग भी की गई थी।
भाई से एक लाख रुपए प्रतिमाह रंगदारी मांगी थी
एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित के पिता और भाई से एक लाख रुपए प्रतिमाह रंगदारी की मांग की। साथ ही कथित रूप से धमकी दी कि यदि रंगदारी नहीं दी गई या पुलिस में शिकायत की गई तो पूरे परिवार की हत्या कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर पहले प्रिंस के पास से एक पिस्तौल, एक देशी कट्टा और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस मामले में शिवानंद मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ में शिवानंद ने बबली दुबे से बदला लेने के लिए अवैध हथियार जुटाने की बात कही थी।
घायल युवक प्रिंस ने 5 जुलाई की घटना के बाद इलाज से राहत मिलने पर नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है।
घायल युवक का सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
इस मामले में पीड़ित ने बबली दुबे, हनुमन दुबे, रोहित दुबे, प्रकाश दुबे, मनमोहन चौबे, विकास चौबे, विवेक मिश्र, ओम मिश्र और शिंकु कुमार को नामजद आरोपित बनाया है। घायल युवक का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। नगर थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उधर, इस मामले में नामजद बबली दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट जारी कर अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने लिखा कि "सत्य छुपता नहीं, झूठ टिकता नहीं।"
उनका दावा है कि 5 जुलाई को जिन लोगों के यहां से पुलिस ने तीन अवैध हथियार और 15 कारतूस बरामद किए थे, उन्हीं लोगों के "बेबुनियाद आरोपों" के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

न्यायपालिका के विरुद्ध लगाए गए आरोप झूठे बबली दुबे ने कहा कि वह हमेशा से कानून का सम्मान और न्यायपालिका पर भरोसा रखने वाले व्यक्ति हैं तथा उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे, निराधार और साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पक्ष के परिवार के कई सदस्यों पर पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि उनके परिवार की आय पूरी तरह वैध है और उनके परिवार के सदस्य सरकारी सेवा तथा वैध व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की।