जयपुर में नन्हे-डांसर्स ने प्रस्तुति से जज को किया प्रभावित: स्कूल डांस फेस्टिवल में फ्री स्टाइल से लेकर किया कथक-कालबेलिया डांस; 9 अगस्त को सोलो राउंड - Jaipur News

Published on 2 अग॰ 2026

जयपुर में नन्हे कलाकारों ने डांस की अपनी प्रतिभा दिखाई। किसी ने घूमर, कालबेलिया डांस की प्रस्तुति दिखाई। वहीं किसी ने पंजाबी गिद्धा और भांगड़ा से जज को प्रभावित किया। इसके अलावा भरतनाट्यम, कथक और ओडिसी जैसी भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों की भी प्रस्त

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तिलक नगर स्थित बस्कर्स में रविवार को आयोजित स्कूल डांस फेस्टिवल 'डी फेस्ट-2026' (सीजन-10) के पहले सोलो चरण में 225 छात्र-छात्राओं ने शानदार डांस प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया।

प्रतियोगिता में फ्री स्टाइल, लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य की विभिन्न विधाओं में दो आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पहले चरण के ऑडिशन में प्रदर्शन के आधार पर 225 में से 180 प्रतिभागियों का चयन अगले राउंड के लिए किया गया। प्रतियोगिता का दूसरा सोलो राउंड 9 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

पहले देखिए इवेंट के फोटोज…

अलग-अलग स्कूलों के बच्चे इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

अलग-अलग स्कूलों के बच्चे इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

अलग-अलग राज्यों के ट्रेडिशनल डांस को भी स्टूडेंट्स ने परफॉर्म किया।

अलग-अलग राज्यों के ट्रेडिशनल डांस को भी स्टूडेंट्स ने परफॉर्म किया।

स्टूडेंट्स ने घूमर को भी पारम्परिक अंदाज में पेश किया।

स्टूडेंट्स ने घूमर को भी पारम्परिक अंदाज में पेश किया।

पहले राउंड में स्टूडेंट्स का उत्साह देखते हुए बन रहा था।

पहले राउंड में स्टूडेंट्स का उत्साह देखते हुए बन रहा था।

स्टूडेंट्स ने कथक, कुचीपुड़ी सहित कई क्लासिकल डांस की प्रस्तुतियां भी दी।

स्टूडेंट्स ने कथक, कुचीपुड़ी सहित कई क्लासिकल डांस की प्रस्तुतियां भी दी।

फेस्ट के पहले दिन सोलो राउंड आयोजित हुआ।

फेस्ट के पहले दिन सोलो राउंड आयोजित हुआ।

जजेज की भूमिका में देश के जाने-माने कोरियोग्राफर्स मौजूद रहे।

जजेज की भूमिका में देश के जाने-माने कोरियोग्राफर्स मौजूद रहे।

बच्चों ने फ्री स्टाइल डांसिंग का जलवा बिखेरा।

बच्चों ने फ्री स्टाइल डांसिंग का जलवा बिखेरा।

स्टूडेंट्स ने डांस के अंदाज से जजेज को भी प्रभावित किया।

स्टूडेंट्स ने डांस के अंदाज से जजेज को भी प्रभावित किया।

क्लासिकल डांस को लेकर भी स्टूडेंट्स में उत्साह देखने को मिला।

क्लासिकल डांस को लेकर भी स्टूडेंट्स में उत्साह देखने को मिला।

डांसिंग के अंदाज और कोरियोग्राफी भी कमाल की देखने को मिली।

डांसिंग के अंदाज और कोरियोग्राफी भी कमाल की देखने को मिली।

पहले राउंड में स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाने के लिए पैरेंट्स भी मौजूद रहे।

पहले राउंड में स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाने के लिए पैरेंट्स भी मौजूद रहे।

काफी संख्या में गर्ल्स इस राउंड में शामिल होने आई।

काफी संख्या में गर्ल्स इस राउंड में शामिल होने आई।

बस्कर्स का यह फेस्टिवल देशभर में खास पहचान रखता है।

बस्कर्स का यह फेस्टिवल देशभर में खास पहचान रखता है।

फ्री स्टाइल से लेकर लोक डांस की दी प्रस्तुति

फ्री स्टाइल डांस में बच्चों ने लोकप्रिय टीवी डांस शो और आधुनिक कोरियोग्राफी से प्रेरित प्रस्तुतियां देकर दर्शकों और जज को प्रभावित किया। वहीं लोक डांस कैटेगरी में घूमर, कालबेलिया, भवई और चरी जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियों ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। साथ ही पंजाबी गिद्धा और भांगड़ा की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया।

शास्त्रीय और सेमी क्लासिकल वर्ग में बच्चों ने भरतनाट्यम, कथक और ओडिसी जैसी भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों की सुंदरता को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। लय, ताल और भावों से सजी इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा की झलक दिखाई।

180 प्रतिभागी फाइनल के लिए चयनित

प्रतियोगिता में जज राहुल योगी, एजाज आलम, अनुष्का शर्मा और पंकज राव रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के डांस कौशल, अभिव्यक्ति के आधार पर चयन किया। उन्होंने बच्चों की मेहनत और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा- इतनी कम उम्र में प्रतिभागियों का प्रदर्शन भविष्य के उज्ज्वल कलाकारों की झलक देता है।

प्रतियोगिता के अगले दौर में चयनित 180 प्रतिभागी अब फाइनल की दौड़ में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।