सैलरी बढ़ेगी या फिर करना होगा इंतजार? 8th Pay Commission की बैठक में इन मांगों पर जोर

Published on 9 अग॰ 2026

8th Pay Commission को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय दिल्ली की बैठकों पर टिकी हैं. आयोग ने 7 अगस्त से नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों के साथ बातचीत शुरू की है. यह सिलसिला 10 अगस्त तक चलेगा. यानी आज 9 अगस्त को बैठकें जारी हैं और कल दिल्ली चरण का अगला अहम दिन होगा.

इन बैठकों में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रख रहे हैं. खास तौर पर बेसिक पे, महंगाई से जुड़ी राहत, फिटमेंट फैक्टर, HRA और रिटायरमेंट बेनिफिट्स जैसे मुद्दों पर प्रतिनिधियों की नजर है.

दिल्ली में अभी क्या हो रहा है?

8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई हैं. आयोग में प्रो. पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं. दिल्ली की मौजूदा बैठकों के लिए आयोग ने कोई अलग से विस्तृत एजेंडा जारी नहीं किया है. ऐसे में कर्मचारी संगठनों की ओर से जमा किए गए मेमोरेंडम और प्रतिनिधित्व में उठाए गए मुद्दे चर्चा का आधार बन रहे हैं. सीधे शब्दों में समझें तो कर्मचारी संगठन यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि नई वेतन व्यवस्था में उनकी सैलरी, भत्तों और रिटायरमेंट से जुड़े लाभों में किस तरह बदलाव होना चाहिए.

किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर है?

कर्मचारियों की मांगों में कई वित्तीय मुद्दे शामिल हैं. इनमें प्रमुख तौर पर ये बातें सामने आ रही हैं:

  • बेसिक सैलरी में संशोधन.
  • Fitment Factor में बदलाव की मांग.
  • महंगाई को ध्यान में रखते हुए वेतन संरचना में बदलाव.
  • HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस में संशोधन.
  • ग्रेच्युटी की सीमा में बदलाव.
  • पेंशन और दूसरे रिटायरमेंट बेनिफिट्स की समीक्षा.

हालांकि, इन मांगों पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. आयोग अलग-अलग संगठनों से मिले सुझावों और मेमोरेंडम की समीक्षा करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा.

दिल्ली के बाद कहां-कहां होगी बैठक?

8th Pay Commission की कवायद सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. आयोग ने आगे कई शहरों में क्षेत्रीय बातचीत का कार्यक्रम रखा है.

जगहप्रस्तावित तारीख
जयपुर31 अगस्त-1 सितंबर
चेन्नई7-8 सितंबर
पुडुचेरी9 सितंबर
चंडीगढ़16-18 सितंबर

जयपुर की बैठक के लिए राजस्थान में रजिस्टर्ड केंद्रीय सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी संगठन 18 अगस्त तक बैठक के लिए अनुरोध कर सकते हैं, बशर्ते उन्होंने पहले से अपना मेमोरेंडम जमा किया हो और आयोग से पहले मुलाकात न की हो.

चेन्नई और पुडुचेरी की बैठकों के लिए भी 18 अगस्त तक अनुरोध की समयसीमा बताई गई है. आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इन दोनों दौरों की जानकारी जारी की गई है.

रिपोर्ट कब तक आने की उम्मीद है?

8th Pay Commission का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और इसे अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आयोग की अंतिम रिपोर्ट मई या जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है. इसका मतलब यह है कि फिलहाल कर्मचारी जो मांगें उठा रहे हैं, उन पर तुरंत वेतन बढ़ने का फैसला नहीं होगा. अभी आयोग का फोकस अलग-अलग कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और दूसरे हितधारकों की बात सुनकर उनकी मांगों को समझने और सिफारिश तैयार करने पर है.

कर्मचारियों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि दिल्ली की बातचीत जारी है और 10 अगस्त के बाद आयोग का क्षेत्रीय कंसल्टेशन आगे बढ़ेगा. अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और उस पर सरकार के निर्णय के बाद ही होगा.

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