…और कितनी बलि लेगी सरकार? धर्मेंद्र प्रधान पर उद्धव ठाकरे का तीखा हमला, इस्तीफे की उठाई मांग| Navbharat Live

Published on 19 जुल॰ 2026

…और कितनी बलि लेगी सरकार? धर्मेंद्र प्रधान पर उद्धव ठाकरे का तीखा हमला, इस्तीफे की उठाई मांग

  • Written By:

    रूपम सिंह

Updated On: Jul 19, 2026 | 08:21 AM IST

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सार

Sonam Wangchuk Protest: जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराया। महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने केंद्र के इस कदम को लोकतंत्र का काला दिन बताया।

Delhi Police forcibly shifts protesting Sonam Wangchuk to hospital from Jantar Mantar; MVA leaders Uddhav Thackeray and Sharad Pawar slam Modi government.

उद्धव ठाकरे, सोनम वांगचुक डिजाइन इमेज (सोर्स-सोशल मीडिया)

विस्तार

Mumbai Uddhav Thackeray Statement: दिल्ली के जंतर मंतर पर 20 दिनों से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया और समर्थकों को खदेड़ दिया। इस कार्रवाई के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पूछा कि धर्मेंद्र प्रधान अभी और कितनी बलि लेने के बाद इस्तीफा देंगे। इसी मुद्दे पर अब राकां के वरिष्ठ नेता शरद पवार और महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस के नेता विजय वडेट्टीवार भी भड़क उठे हैं।

जंतर-मंतर पहुंचे अमित ठाकरे

मनसे नेता अमित ठाकरे जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों के साथ पुलिस का व्यवहार उचित नहीं था। यह पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र का काला दिन है।

13 साल पुरानी यादें ताजा

इस घटना के कारण करीब 13 साल पहले रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर हुए अन्ना हजारे तथा रामदेव के आंदोलनों की यादें ताजा हो गईं। तब कांग्रेस सरकार ने उन आंदोलनों की अनदेखी की थी। अब मोदी सरकार उसी कदम को दोहराती नजर आ रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं।

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एक वर्ग सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कह रहा है कि विरोधी वांगचुक को बलि का बकरा बना रहे है, जबकि सरकार ने उनकी जान बचाई है।
उद्धव ठाकरे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

  • शरद पवार और विजय वडेट्टीवार ने सरकार पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
  • वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने पर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई।

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शरद पवार और कांग्रेस ने भी साधा निशाना

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने भी सरकार के रवैये की आलोचना की। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए दमनात्मक तरीके अपनाए गए हैं और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक वर्ग पुलिस कार्रवाई को उचित बताते हुए इसे स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम मान रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कार्रवाई करार दे रहा है। पूरे घटनाक्रम ने देशभर में राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।

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