मां दुर्गा की आराधना, शक्ति उपासना और विजय के आध्यात्मिक संदेश के साथइटखोरी प्रखंड के परोका कला में इस वर्षदुर्गा पूजा को भव्य रूप देने की तैयारी शुरूहो गई है। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति,परोका कला की ओर से इस बार 71 फीटऊंचे भव्य पूजा पंडाल का निर्मा
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हर वर्ष की तरह इस बारभी पूजा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी रोमियो टेंट हाउस, इटखोरी को दी गई है। पंडाल कोआकर्षक और कलात्मक स्वरूप देने के लिएजामताड़ा जिले से पहुंचे 18 कारीगरदिन-रात मेहनत कर रहे हैं। विशाल पंडालश्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बननेके साथ शक्ति आराधना की भव्यता को भीप्रदर्शित करेगा।भक्ति के साथ सुरक्षा का भी रहेगाध्यान : दुर्गा पूजा में बड़ी संख्या मेंश्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखतेहुए समिति की ओर से सुरक्षा व्यवस्था परभी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पंडाल केचारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं,ताकि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की निगरानीऔर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।81 फीट के रावण के दहन से मिलेगाअधर्म पर धर्म की विजय का संदेशविजयादशमी के अवसर पर समिति कीओर से 81 फीट ऊंचे रावण के पुतले कादहन किया जाएगा। रावण दहन के माध्यम सेसत्य, धर्म और सदाचार की विजय कासंदेश दिया जाएगा। यह आयोजन बच्चों सेलेकर बुजुर्गों तक के लिए विशेष आकर्षणका केंद्र रहेगा। पूजा के साथ लगने वालेमेले को भी इस बार भव्य स्वरूप देने कीतैयारी है। बच्चों के मनोरंजन के लिएविभिन्न प्रकार के झूले लगाए जाएंगे। मेले मेंआने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतरव्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर समिति केसदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।समिति के पदाधिकारी संभाल रहेव्यवस्था की जिम्मेदारी : पूजा आयोजनको सफल बनाने के लिए समिति के अध्यक्षप्रत्यूष कुमार राणा, सचिव बिजेश प्रसाद,कोषाध्यक्ष रणधीर सिंह तथा उपाध्यक्ष रणजीतसिंह, श्याम सुंदर राणा, अशोक कुमार सिन्हाएवं समीर कुमार सिन्हा सहित अन्य सदस्यव्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।समिति के पूर्व अध्यक्ष बसंत नारायण सिंह,दिलीप कुमार सिंह, सतनारायण सिंह, गौतमसिंह एवं अभिमन्यु राणा का भी पूजाआयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहता है।समिति का कहना है कि मां दुर्गा की आराधनाकेवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाजको सत्य, शक्ति, संस्कार और सद्भाव सेजोड़ने का अवसर भी है। इसी भावना के साथइस वर्ष भी परोका कला में श्रद्धा, भक्तिऔर आध्यात्मिक चेतना का वातावरणबनाने की तैयारी की जा रही है।