कानपुर में 8 साल बाद पांडू नदी का रौद्र रूप: टैक्टर से स्कूल जा रहे बच्चे, पूर्व सांसद के निवास में भरा पानी - Kanpur News

Published on 29 सित॰ 2026

कानपुर2 घंटे पहले

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कानपुर में लगातार बारिश के बाद पांडु नदी उफान पर आ गई। हालात ऐसे हुए कि आठ साल बाद एक बार फिर मेहरबान सिंह पुरवा की सड़कों पर 2 से 8 फीट तक जलभराव हो गया। लगभग 10 इलाके नदी के पानी की चपेट में आ गए, जिससे सैकड़ों परिवार घरों में फंस गए। बर्रा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल और पूर्व सांसद सुखराम सिहं यादव के घर में भी पानी भर गया।

NDRF की टीम राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है। जलभराव वाले इलाकों से बुजुर्गों और बच्चोंको निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी नदी से प्रभावित इलाकों में लगातार नजर रख रहे हैं।

पहले देखिए 5 तस्वीरें…

NDRF जवान ने गोद में उठाकर बाहर निकाला।

NDRF जवान ने गोद में उठाकर बाहर निकाला।

नन्हा बच्चा बाहर खेल नहीं सकता, इसलिए घर से कागज की नाव बनाकर गलियों में भरे पानी में नाव डालकर खेलता हुआ।

नन्हा बच्चा बाहर खेल नहीं सकता, इसलिए घर से कागज की नाव बनाकर गलियों में भरे पानी में नाव डालकर खेलता हुआ।

जलभराव के कारण ट्रैक्टर से स्कूल से वापस आते हुए बच्चे।

जलभराव के कारण ट्रैक्टर से स्कूल से वापस आते हुए बच्चे।

बर्रा के मेहरबान सिंह पुरवा में दिल्ली पब्लिक स्कूल में भरा पानी।

बर्रा के मेहरबान सिंह पुरवा में दिल्ली पब्लिक स्कूल में भरा पानी।

पांडु नदी के पानी से गोपालपुरम, मेहरबान सिंह पुरवा, बिहारीपुर, टिकरा, पिपौरी और सुंदर नगर क्षेत्रों में सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भर गया है। घरों के भीतर भी पानी पहुंचने से सैकड़ों परिवार फंस गए हैं। बिहारीपुरवा और मेहरबान सिंह पुरवा में हालात ऐसे हैं कि लोगों के घरों में 48 घंटे से बिजली की सप्लाई बंद है। घरों में पीने का पानी नहीं है। जो लोग फंसे हैं, वे फोन कर अपने फंसे होने की जानकारी दे रहे हैं। सूचना मिलने पर तत्काल एनडीआरएफ की टीम पहुंचकर लोगों को बाहर निकाल रही है।

सड़कों पर निकलने वाले दोपहिया वाहन पानी में डूबने की स्थिति में हैं। कई वाहन, जो पानी के बीच से निकलने की कोशिश कर रहे थे, चार से पांच फीट गहरे पानी में बंद हो गए। कई लोग बंद वाहनों को घसीटते हुए नजर आए। इसी तरह कार या पिकअप लेकर निकले लोगों के वाहन भी पानी में बंद हो गए। उन्हें धक्का लगाकर बाहर निकालते लोग दिखाई दिए।

मेहरबान सिंह पुरवा के हालात ऐसे हैं कि यहां लोग केवल एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा ले रहे हैं। लोग बच्चों को स्कूल भेजने और उन्हें वापस लाने के लिए ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई लोगों के घरों में पानी भर गया है। घरों में पीने का पानी नहीं है और खाना भी नहीं बन पा रहा है। कुछ लोग घरों में ताला लगाकर इलाके को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।

मेहरबान सिंह पुरवा में पूर्व सांसद सुखराम सिंह यादव के निवास के अंदर पांडू नदी का पानी भरा।

मेहरबान सिंह पुरवा में पूर्व सांसद सुखराम सिंह यादव के निवास के अंदर पांडू नदी का पानी भरा।

NDRF की टीम लगातार राहत कार्य में बीते 72 घंटे से जुटी हुई है। बिहारीपुर से 36 घंटे से घर में फंसे परिवारों को बाहर निकाला गया। इस दौरान टीम ने कविता (70) और विमला (80) नाम की बुजुर्ग महिलाओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला। एनडीआरएफ की टीम ने दोनों महिलाओं को गोद में उठाकर पानी से बाहर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।

नदी के जलभराव में कुछ जगहों पर लोग टायर-ट्यूब के सहारे जलभराव में खेलते नजर आए, तो कहीं बच्चे सड़क पर बहते पानी में लेटकर वाटर पार्क की तरह मस्ती करते दिखाई दिए। जलभराव के बीच इस तरह की मस्ती की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

अब पढ़िए, नदी के जलभराव में फंसे और परेशान लोगों ने जो बताया...

ट्रैक्टर से बच्चों को स्कूल से वापस लेकर आ रहे विक्रांत सिंह ने कहा, "बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए ट्रैक्टर से ही आ रहे हैं। इसमें भी एक जगह ट्रैक्टर खड़ा करके फिर दूसरे साधन से स्कूल जाकर बच्चों को लाना पड़ता है। बच्चों का पेपर है, इसलिए जाना भी जरूरी है।"

बिहारीपुरवा में रहने वाले बुजुर्ग शिवबरन सिंह ने बताया, "पूरे इलाके में पानी भरा है। मेरा मकान तो गिर गया। पास में ही मेरा बेटा रहता है, वहीं पर रह रहा हूं।"

सरोज ने बताया, "घर गिर गया है, लेकिन बेटे के साथ रहने लगी हूं। घर में रखा मेरा पूरा गृहस्थी का सामान खराब हो गया है। घर के अंदर तक पानी भरा हुआ है।"

बिहारीपुरवा की आरके पुरम सोसायटी में रहने वाले एक युवक ने बताया, "यहां 200 से ज्यादा लोग घरों में फंसे हैं, जिन्हें निकालने के लिए अब एनडीआरएफ की टीम आ गई है। काम शुरू कर दिया गया है।"

महिला अंजू चावला ने बताया, "72 घंटे की बारिश के बाद से यहां ऐसा पानी भरा है कि दो दिन से लाइट नहीं आ रही है। घरों में पीने का पानी तक नहीं है। बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है। पता होता कि ऐसा होगा तो कहीं और चली जाती। यहां बिहारीपुरवा में लोग घरों में फंसे हुए हैं।"

70 साल की बुजुर्ग महिला कविता को एनडीआरएफ की टीम बाहर निकालकर लाई। उन्होंने बताया, "लगभग 45 घंटे से घर के अंदर ही फंसे थे। अब एनडीआरएफ की टीम ने निकाला है।"

एक युवक ने बताया, "36 घंटे बाद निकाला गया है, लेकिन व्यवस्था ठीक है। यहां टीमें लगी हुई हैं। लगातार टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। जो लोग फंसे हैं, उन्हें निकाला जा रहा है।"

रूपचंद्र ने बताया, "पांडु नदी के पानी की वजह से लोग इतना परेशान हैं कि न तो लाइट है और न ही पीने का पानी। खाना तक नहीं बन पा रहा है। कई लोग तो यहां से छोड़कर निकल गए। जो लोग फंसे हैं, उनको तो निकाला जा रहा है, लेकिन जो लोग यहां रह गए हैं, उनके लिए भी इंतजाम किया जाना चाहिए।"

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