Deep Cleaning Without Machine: घर की सफाई तो लगभग हर कोई करता है, लेकिन रोज की झाड़ू-पोंछा वाली सफाई और डीप क्लीनिंग में जमीन-आसमान का फर्क होता है. रोज सफाई के बाद भी दरवाजों के कोनों, खिड़कियों की पटरियों, सोफे के नीचे, स्विच बोर्ड के आसपास और रसोई की छोटी-छोटी जगहों पर धूल-मिट्टी और चिकनाई जमा होती रहती है. यही वजह है कि घर पूरी तरह साफ होने के बाद भी कई बार उतना चमकता हुआ नहीं लगता. इसी वजह से लोग ऑनलाइन ऐप्स से प्रोफेशनल क्लीनर्स को बुलाकर सफाई कराते हैं.
बड़ी-बड़ी क्लीनिंग कंपनियां घर की छिपी हुई जगहों पर फोकस करके सफाई करती हैं. इसके लिए मशीनें और महंगे प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं और हजारों रुपये भी खर्च हो जाते हैं. लेकिन घर पर कुछ आसान चीजों और सही तरीके से आप बिना किसी मशीन के भी डीप क्लीनिंग जैसा रिजल्ट पा सकते हैं. बस सफाई का तरीका थोड़ा बदलना होगा. चलिए जानते हैं क्या हैं वो तरीके.
पहले सामान इकट्ठा करें, फिर शुरू करें सफाई
डीप क्लीनिंग शुरू करने से पहले एक माइक्रोफाइबर कपड़ा, पुराना टूथब्रश, स्प्रे बोतल, बाल्टी, वैक्यूम की जगह झाड़न या सूखा कपड़ा और जरूरत के हिसाब से हल्का क्लीनर रख लें. एक साथ पूरा घर साफ करने के बजाय कमरे-दर-कमरे सफाई करना ज्यादा आसान रहेगा.
एक जरूरी बात ये भी है कि हर सतह पर एक ही क्लीनिंग प्रोडक्ट न लगाएं. लकड़ी, कांच, स्टील और पेंट की हुई चीजों की सफाई का तरीका अलग होता है.
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1. सबसे पहले ऊपर से नीचे की तरफ सफाई करें: डीप क्लीनिंग का सबसे आसान रूल ये है कि ऊपर से सफाई शुरू करें और नीचे आकर खत्म करें. पहले पंखे, लाइट, ऊंची अलमारियां और दरवाजों के ऊपरी हिस्से की धूल साफ करें. इसके बाद टेबल, शेल्फ और बाकी चीजों की सफाई करें. अगर आप पहले फर्श साफ कर देंगे और बाद में ऊपर की धूल झाड़ेंगे तो सारी गंदगी दोबारा नीचे आ जाएगी. इस छोटे से नियम को अपनाने से सफाई काफी आसान हो जाती है.
2. पंखे और कोनों की धूल ऐसे निकालें: पंखे के ब्लेड पर जमा धूल को सूखे कपड़े से सीधे झाड़ने पर वह पूरे कमरे में उड़ सकती है. इसके बजाय ब्लेड को हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े से पकड़कर धीरे-धीरे साफ करें.
इसके बाद कमरे के कोनों, खिड़की के ऊपर और फर्नीचर के पीछे जमा धूल को लंबी झाड़न या कपड़े से निकालें. जहां हाथ आसानी से नहीं पहुंचता, वहां पुराना टूथब्रश काफी काम आ सकता है.
3. खिड़की की पटरियां भूलने की गलती न करें: खिड़की की पटरियां घर की उन जगहों में से हैं जहां धूल, बाल और मिट्टी लगातार जमा होती रहती है. यहां पहले सूखा ब्रश या पुराना टूथब्रश चलाकर गंदगी ढीली करें. इसके बाद कपड़े को हल्का गीला करके पटरियों को अच्छी तरह पोंछ दें. कोनों में फंसी गंदगी के लिए कॉटन बड या पुराना ब्रश इस्तेमाल किया जा सकता है.
4. रसोई में सिर्फ प्लेटफॉर्म नहीं, कैबिनेट भी साफ करें: रसोई की डीप क्लीनिंग करते समय केवल गैस और प्लेटफॉर्म चमकाना काफी नहीं है. कैबिनेट के हैंडल, दरवाजों के किनारे, मसाले रखने वाली जगह और गैस के आसपास की जगह और चीजों पर भी चिकनाई जमा होती है.
पहले सूखे कपड़े से धूल हटाएं. फिर चीजों के हिसाब से हल्के क्लीनर और माइक्रोफाइबर कपड़े से सफाई करें. किसी भी क्लीनिंग लिक्विड को लकड़ी या दूसरी नाजुक सतह पर सीधे डालने के बजाय पहले कपड़े पर लगाकर इस्तेमाल करना बेहतर है.
5. सोफा और गद्दे को भी दें डीप क्लीनिंग: सोफे और गद्दे में ऊपर से दिखाई न देने वाली धूल जमा हो सकती है. अगर आपके पास मशीन नहीं है तो इन्हें अच्छी तरह झाड़ने के बाद सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े या साफ ब्रश से साफ करें.
कवर निकल सकता है तो उसे लेबल पर दिए इंस्ट्रक्शंस के हिसाब से धोएं. किसी भी लिक्विड को सोफे या गद्दे पर डालने से पहले उसके फैब्रिक पर एक छोटे, छिपे हिस्से में टेस्ट जरूर करें, ताकि रंग खराब होने का जोखिम न रहे.
6. स्विच बोर्ड और दरवाजों के हैंडल भी चमकाएं: घर की सफाई में अक्सर स्विच बोर्ड, डोर हैंडल और दरवाजों के किनारे छूट जाते हैं. इन जगहों को साफ करने के लिए बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती. स्विच बोर्ड साफ करने से पहले बिजली की सुरक्षा का ध्यान रखें और गीला कपड़ा या पानी सीधे बोर्ड पर न डालें. हल्के गीले कपड़े से आसपास की सतह साफ करें और तुरंत सूखे कपड़े से पोंछ दें.
7. बाथरूम में पहले गंदगी ढीली करें: बाथरूम को डीप क्लीन करने में सबसे ज्यादा मेहनत जमी हुई गंदगी और साबुन के दाग पर होती है. यहां क्लीनर लगाने के बाद उसे कुछ समय चीजों पर काम करने दें और फिर ब्रश से साफ करें. टाइल्स के जोड़, नल के आसपास, शॉवर एरिया और दरवाजे के निचले हिस्से पर खास ध्यान दें. जिद्दी दाग के लिए बहुत तेज केमिकल मिलाने की गलती न करें. अलग-अलग क्लीनिंग केमिकल को आपस में कभी न मिलाएं, खासकर ब्लीच और एसिड वाले क्लीनर को.
8. आखिर में फर्श की सफाई करें: जब ऊपर की सारी सफाई हो जाए, तभी फर्श की बारी आती है. पहले सूखी धूल और बाल हटाएं, फिर फर्श को उसके मटेरियल के हिसाब से क्लीनर से पोछें. कोनों, फर्नीचर के नीचे और दीवार के किनारे वाली जगह पर खास ध्यान दें. यही वे हिस्से हैं जहां रोज के पोछे के बावजूद गंदगी छिपी रह सकती है.
मशीन नहीं, सही तरीका बनाता है सफाई को प्रोफेशनल
डीप क्लीनिंग के लिए मशीन होना जरूरी नहीं है. सफाई का सही क्रम, छिपी जगहों पर ध्यान और हर चीज के लिए सही तरीका अपनाकर घर को काफी अच्छी तरह साफ किया जा सकता है. सबसे जरूरी बात ये है कि जल्दबाजी में पूरे घर पर एक ही प्रोडक्ट या तरीका इस्तेमाल न करें. अगर महीने में एक बार इस तरह से घर की डीप क्लीनिंग कर ली जाए और बाकी दिनों में रोज की हल्की सफाई जारी रखी जाए, तो घर को लंबे समय तक साफ-सुथरा रखना आसान हो सकता है.
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