Delhi Metro: दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़कों पर कम बसें होने के कारण मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है.
Delhi Metro: दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़कों पर कम बसें होने के कारण मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जा रही है.
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Delhi Metro Photograph: (x)
Delhi Metro: राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ मानी जाने वाली दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी की बस सेवा पर बड़ा असर पड़ा है. डीटीसी चालकों की हड़ताल के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी सड़कों पर आम दिनों की तुलना में बेहद कम बसें देखने को मिलीं. सड़कों पर बसों का टोटा होते ही लाखों दैनिक यात्रियों का रुख दिल्ली मेट्रो की तरफ हो गया. अचानक से स्टेशनों पर बढ़ी यात्रियों की भीड़ को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.
मेट्रो ने संभाली कमान और बढ़ाए ट्रेन के फेरे
सड़कों पर जब यात्रियों को बसें नहीं मिलीं तो सुबह से ही मेट्रो स्टेशनों पर भारी कतारें लगनी शुरू हो गईं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएमआरसी प्रबंधन ने तुरंत अपनी परिचालन योजना में बदलाव किया. मेट्रो नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव न बने, इसके लिए पूरे दिन में बीस अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप चलाई गईं. सिस्टम में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आज अलग अलग लाइनों पर कुल आठ अतिरिक्त ट्रेनें सेवा में उतारी गईं. इस त्वरित कदम से व्यस्त समय के दौरान स्टेशनों पर यात्रियों का ठहराव कम हुआ और लोग बिना किसी बड़ी रुकावट के अपने दफ्तरों और गंतव्य तक पहुंच सके.
कल भी जारी रहेगी अतिरिक्त ट्रेनों की यह खास सेवा
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो ने यह साफ कर दिया है कि यह विशेष व्यवस्था केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी. कल यानी सत्रह सितंबर को भी डीएमआरसी की तरफ से यही मजबूत प्रबंध जारी रहेंगे. ऑपरेशनल जरूरतों को देखते हुए कल सुबह आठ बजे से लेकर रात आठ बजे तक आठ अतिरिक्त ट्रेनें लगातार पटरियों पर दौड़ती रहेंगी. डीएमआरसी का कहना है कि उनका मकसद हमेशा भरोसेमंद और सुरक्षित सेवा देना है. इसके साथ ही मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वर्तमान स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर ही घर से निकलें.
डीटीसी बस चालकों का आंदोलन और उनकी मांगें
दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर डीटीसी बसों की कमी से आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है. हड़ताल का सबसे ज्यादा असर नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर देखा जा रहा है. प्रदर्शन कर रहे बस चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. चालकों की मुख्य मांगों में दैनिक वेतन में उचित बढ़ोतरी, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और समय पर ओवरटाइम का भुगतान शामिल है. चालकों का यह भी आरोप है कि बस में किसी भी तरह की टूट फूट या तकनीकी खराबी आने पर उन पर भारी जुर्माना लगा दिया जाता है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.
सड़कों पर परेशान हुए यात्री और यूनियन का रुख
हड़ताल के चलते बुधवार को स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई बस स्टॉप पर लोग घंटों इंतजार करते देखे गए और बहुत से यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा की. दिल्ली में इस समय डीटीसी की करीब साढ़े छह हजार बसें हैं, जिनका संचालन प्रभावित होने से पूरी सड़क यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. इस बीच डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के अध्यक्ष ललित चौधरी ने कहा है कि वे चालकों की जायज मांगों का पूरा समर्थन करते हैं. उनका कहना है कि अभी तक सरकार के किसी भी नुमाइंदे ने बातचीत के लिए संपर्क नहीं किया है, इसलिए उनका शांतिपूर्ण आंदोलन और बसें न चलाने का फैसला आगे भी जारी रहेगा.
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