बिहार में सर्वाइकल कैंसर के 8,250 नए मामले: 30-49 वर्ष की महिलाओं में कैंसर स्क्रीनिंग के आंकड़े चिंताजनक - Patna News

Published on 16 अक्टू॰ 2026

पटना10 मिनट पहले

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स्क्रीनिंग बेहद कम, एनएफएचएस-5 में स्तन कैंसर की 0.3 फीसदी जांच

बिहार में महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के हजारों नए मामले सामने आने का अनुमान है। इसके बावजूद जांच की पहुंच बेहद कम है। अस्पतालों में स्क्रीनिंग और इलाज की व्यवस्था भी पूरी नहीं है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुमान के अनुसार, बिहार में 2025 में सर्वाइकल कैंसर के 8,250 नए मामले और 4,455 मौतें हुईं। ये अनुमान हैं, अस्पतालों में दर्ज वास्तविक मामलों और मौतों की संख्या नहीं। वहीं, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) के 2019-20 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 30 से 49 वर्ष की महिलाओं में सिर्फ 0.3% ने स्तन कैंसर और 0.8% ने सर्वाइकल कैंसर की जांच कराई। यानी हर 1,000 महिलाओं में करीब 3 ने स्तन कैंसर और 8 ने सर्वाइकल कैंसर की जांच कराई।

एनएफएचएस-6 की फैक्टशीट मई 2026 में जारी हुई, लेकिन उसमें कैंसर स्क्रीनिंग के ये संकेतक शामिल नहीं हैं। ऐसे में महिलाओं के बीच जांच की मौजूदा स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग के नए आंकड़ों की जरूरत है।

पांच साल में सर्वाइकल कैंसर के अनुमानित मामले 477 बढ़े बिहार में सर्वाइकल कैंसर के अनुमानित नए मामले 2021 में 7,773 थे। 2022 में यह संख्या 7,892, 2023 में 8,012 और 2024 में 8,131 थी। 2025 में बढ़कर 8,250 हो गई। यानी 2021 से 2025 के बीच सालाना अनुमानित मामलों में 477 की वृद्धि हुई। इसी अवधि में अनुमानित मौतों की संख्या भी 4,197 से बढ़कर 4,455 हो गई। 2025 के सालाना अनुमान को 365 दिनों से भाग देने पर प्रतिदिन करीब 23 नए मामले और 12 मौतों का औसत निकलता है। इसी सर्वे पर आधारित प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, बिहार में प्रति एक लाख महिलाओं पर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग का अनुपात 341 और सर्वाइकल कैंसर का 838 था। राष्ट्रीय औसत क्रमशः 877 और 1,965 था।

पोर्टल पर 2.09 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग दर्ज बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसाइटी के पोर्टल पर अप्रैल 2023 से अप्रैल 2026 के बीच स्तन कैंसर की 1,57,50,886 और सर्वाइकल कैंसर की 51,97,902 स्क्रीनिंग दर्ज हैं। पोर्टल पर मुंह के कैंसर की 4,13,04,818 स्क्रीनिंग भी दर्ज हैं। हालांकि, स्क्रीनिंग की संख्या को अलग-अलग जांच कराने वाली महिलाओं या कैंसर के पुष्ट मामलों की संख्या नहीं माना जा सकता।

वर्ष अनुमानित नए मामले अनुमानित मौतें 2021 7,773 4,197 2022 7,892 4,262 2023 8,012 4,326 2024 8,131 4,391 2025 8,250 4,455

क्या होना चाहिए? स्तन कैंसर: चिकित्सकीय स्तन परीक्षण, जरूरत के अनुसार मैमोग्राफी और अल्ट्रासाउंड। संदिग्ध गांठ की बायोप्सी की सुविधा भी होनी चाहिए। सर्वाइकल कैंसर: पैप स्मीयर या एचपीवी जांच की सुविधा हो। जरूरत पड़ने पर बायोप्सी हो। समय पर रिपोर्ट: जांच के नतीजे मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। रेफरल व्यवस्था: जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज या कैंसर संस्थान तक मरीज को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े।

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