विदिशा जिले में पिछले तीन वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बने अंतरजिला नकबजन गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। कोतवाली पुलिस ने 350 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों ने 2024 से 2026 के बीच कोतवाली, शमशाबाद और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में हुई आठ चोरियों को कबूल किया है। पुलिस अब तक करीब 21 लाख रुपए का चोरी का माल बरामद कर चुकी है।
तकनीकी जांच से गिरोह तक पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने घटनास्थलों के आसपास लगे 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साइबर सेल की तकनीकी जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जगदीश उर्फ जैकी आदिवासी, अकरम उर्फ अतीस खान, सूरज आदिवासी और रामभरोसे कुशवाह को गिरफ्तार किया।
विदिशा शहर की कई बड़ी चोरियों का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने न्यू अरिहंत विहार कॉलोनी में वैभव जैन के सूने मकान से करीब 24 ग्राम सोने के जेवर (करीब ₹3.30 लाख) चोरी करना स्वीकार किया। ढलकपुरा की चूना वाली गली में अशोक सुमन के घर से 21 ग्राम सोने के जेवर और ₹40 हजार नकद चोरी करने की बात भी कबूली, जिसकी कुल कीमत करीब ₹3.40 लाख है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से सामग्री जब्त की है।
एक ही रात की तीन वारदातें भी सुलझीं
5 जून 2026 की रात कोतवाली क्षेत्र में हुई तीन चोरियों का भी खुलासा हुआ। सांची रोड स्थित संधू मटेरियल दुकान से ₹15 हजार नकद चोरी किए गए थे। काछी मोहल्ला में राजकुमार गौर के घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हुए, जिनकी कीमत करीब ₹3 लाख है।
इसी रात रवि सोनी के सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरों के साथ एक कार भी चोरी की गई थी। इस मामले में पुलिस करीब ₹6 लाख का माल बरामद कर चुकी है।
शमशाबाद और सिविल लाइन के मामले भी सुलझे
गिरोह ने शमशाबाद थाना क्षेत्र की वर्ष 2025 की दो चोरियों और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बंटी नगर में 9 जुलाई 2026 को संजय दांगी के घर हुई चोरी की वारदात भी स्वीकार की है। शमशाबाद के मामलों में आरोपियों ने करीब ₹6 लाख का सामान सिरोंज में गिरवी रखने की जानकारी दी है, जिसकी बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस को गिरफ्तार कर आरोपी।
सरगना पर 38 आपराधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना जगदीश उर्फ जैकी आदिवासी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ भोपाल में 30 और विदिशा में 8, कुल 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे आरोपी अकरम उर्फ अतीस खान के खिलाफ भी भोपाल में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
अन्य आरोपियों और बाकी माल की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और चोरी के शेष माल की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई से पिछले तीन वर्षों से लंबित कई चोरी के मामलों का एक साथ खुलासा हुआ है, जिससे पीड़ितों को राहत मिली है।