पेटीएम का पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 79 प्रतिशत बढ़ा, बोनस शेयर का प्रस्ताव फिलहाल टला

Published on 21 जुल॰ 2026

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) डिजिटल भुगतान एवं वित्तीय सेवा मंच पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 79 प्रतिशत बढ़कर 220 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी ने 203 करोड़ रुपये की अब तक की सर्वाधिक कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) दर्ज की।

इसके साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने फिलहाल बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है।

कंपनी ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 2,448 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 182 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 203 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस दौरान ईबीआईटीडीए मार्जिन बढ़कर आठ प्रतिशत हो गया। कंपनी का शुद्ध लाभ 79 प्रतिशत बढ़कर 220 करोड़ रुपये रहा।

कंपनी ने इसका श्रेय व्यापारियों और उपभोक्ता कारोबार में तेज वृद्धि, ईबीआईटीडीए मार्जिन में विस्तार तथा कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित परिचालन दक्षता को दिया है।

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वहीं पेटीएम का उपभोक्ता यूपीआई कारोबार लगातार पांचवीं तिमाही में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में सफल रहा। उपभोक्ता यूपीआई सकल लेनदेन मूल्य (जीटीवी) 45 प्रतिशत बढ़कर 5.9 लाख करोड़ रुपये हो गया जो उद्योग की वृद्धि दर का 2.2 गुना है। मासिक लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या भी 60 लाख बढ़कर आठ करोड़ हो गई।

कंपनी का नकद शेष जून, 2026 के अंत तक बढ़कर 13,529 करोड़ रुपये हो गया जिससे कारोबार के विस्तार के लिए पर्याप्त वित्तीय मजबूती उपलब्ध है।

बयान के अनुसार, राजस्व वृद्धि, ईबीआईटीडीए मार्जिन में विस्तार, बड़े संभावित बाजार और एआई आधारित परिचालन दक्षता में तेजी से दीर्घकालिक टिकाऊ लाभ वृद्धि की पर्याप्त संभावना है।

इस बीच, वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के निदेशक मंडल ने फिलहाल बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि वह शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन के उद्देश्य से वृद्धि और लाभप्रदता को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

यह फैसला 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणामों के साथ लिया गया।

पेटीएम ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘ दीर्घकालिक शेयरधारक मूल्य सृजन के दृष्टिकोण से प्रस्ताव का मूल्यांकन एवं विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद निदेशक मंडल का मानना था कि कंपनी को शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन के उद्देश्य से वृद्धि तथा लाभप्रदता को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसलिए निदेशक मंडल ने फिलहाल इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने का निर्णय लिया है।’’

भाषा निहारिका

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