राजस्थान में बिना परीक्षा टीचर बनने का बड़ा मौका! 76,791 पदों पर निकलेगी गेस्ट फैकल्टी भर्ती

Published on 25 अग॰ 2026

राजस्थान के सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति की तैयारी है. योजना के तहत स्कूल और कॉलेज स्तर पर करीब 76,791 पदों पर गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था की जा सकती है. इसका मकसद शिक्षकों के रिक्त पदों की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना है. साथ ही योग्य अभ्यर्थियों और पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिक्षण कार्य से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा.

कौन कर सकता है आवेदन?

विद्या संबल योजना के तहत संबंधित शिक्षण संस्थानों में खाली पदों और जरूरत के आधार पर गेस्ट फैकल्टी की सेवाएं ली जाएंगी. इसमें पात्र निजी अभ्यर्थियों के साथ योग्य सेवानिवृत्त शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे.

हालांकि, जिस पद के लिए आवेदन किया जाएगा, उसके लिए संबंधित विभाग की ओर से निर्धारित शैक्षणिक और अन्य आवश्यक योग्यताएं पूरी करना अनिवार्य होगा.

किन पदों पर होगी गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति?

स्कूल स्तर पर अलग-अलग कक्षाओं के लिए विभिन्न पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाए जाने का प्रावधान है.

  • कक्षा 1 से 8 तक के लिए ग्रेड-3 शिक्षक
  • कक्षा 9 और 10 के लिए वरिष्ठ अध्यापक
  • कक्षा 11 और 12 के लिए व्याख्याता
  • अनुदेशक
  • लैब असिस्टेंट

वहीं, उच्च शिक्षा संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों पर भी गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था की जा सकती है. पदों की वास्तविक संख्या संबंधित कॉलेज या संस्थान में उपलब्ध रिक्तियों और जरूरत के आधार पर तय होगी.

लिखित परीक्षा नहीं, मेरिट के आधार पर चयन

गेस्ट फैकल्टी के चयन के लिए लिखित परीक्षा या इंटरव्यू आयोजित किए जाने का प्रावधान नहीं बताया गया है. अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी.

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के लिए 75 फीसदी अंक और शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के लिए 25 फीसदी अंक निर्धारित किए जा सकते हैं.

अगर दो अभ्यर्थियों के अंक समान रहते हैं तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान हो सकता है. चयन प्रक्रिया संबंधित संस्था प्रधान और निर्धारित जिला स्तरीय व्यवस्था की निगरानी में पूरी की जा सकती है.

प्रति घंटे के हिसाब से मिलेगा मानदेय

गेस्ट फैकल्टी को नियमित सरकारी शिक्षकों की तरह वेतन नहीं मिलेगा. उन्हें निर्धारित दर के अनुसार प्रति घंटे के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा.

पद प्रति घंटे मानदेय अधिकतम मासिक मानदेय
ग्रेड-3 शिक्षक/अनुदेशक/लैब असिस्टेंट ₹300 ₹21,000
वरिष्ठ अध्यापक ₹350 ₹25,000
व्याख्याता ₹400 ₹30,000
असिस्टेंट प्रोफेसर ₹800 ₹45,000
एसोसिएट प्रोफेसर ₹1,000 ₹52,000
प्रोफेसर ₹1,200 ₹60,000

क्या होगी शैक्षणिक योग्यता?

जिस पद के लिए आवेदन किया जाएगा, उसके अनुसार निर्धारित शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक योग्यता होना जरूरी होगा. योग्य निजी अभ्यर्थियों के अलावा पात्र सेवानिवृत्त शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे.

सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष तक होने की जानकारी है. हालांकि, अंतिम योग्यता और आयु संबंधी शर्तें संबंधित विभाग या संस्था की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट की जाएंगी.

आवेदन के लिए शुल्क लगेगा या नहीं?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के आवेदन के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं रखा जा सकता है. यानी पात्र उम्मीदवार बिना शुल्क के आवेदन कर सकेंगे.

ऑफलाइन हो सकता है आवेदन

गेस्ट फैकल्टी की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखे जाने की जानकारी है. संबंधित स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान अपनी आवश्यकता और रिक्त पदों के अनुसार विज्ञप्ति जारी कर सकते हैं और अभ्यर्थियों से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं.

आवेदन की शुरुआत और अंतिम तारीख सभी संस्थानों के लिए एक जैसी होना जरूरी नहीं है. इसलिए अभ्यर्थियों को अपने संबंधित स्कूल, कॉलेज और शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी होगी.

कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों से कई जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. इनमें मुख्य रूप से:

  • शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट और प्रमाण पत्र
  • प्रशैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज
  • अनुभव प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • पहचान पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवा और सेवानिवृत्ति से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं.

यह स्थायी सरकारी नौकरी नहीं होगी

विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में चयन होने का मतलब स्थायी सरकारी नौकरी मिलना नहीं है. यह व्यवस्था अस्थायी आधार पर होगी.

गेस्ट फैकल्टी को जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सत्र समाप्त होने तक या संबंधित पद पर नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने तक सेवाएं देने का अवसर मिल सकता है. नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने या संस्थान में गेस्ट फैकल्टी की जरूरत खत्म होने पर उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं.

शिक्षकों की कमी दूर करने की कोशिश

राजस्थान के कई सरकारी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के पद खाली होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है. कई बार शिक्षकों की कमी के चलते विषयों का पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा नहीं हो पाता.

ऐसे में विद्या संबल योजना के जरिए अस्थायी तौर पर गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराना है. साथ ही योग्य अभ्यर्थियों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिक्षण कार्य से जुड़ने का अवसर भी मिल सकता है.