74 साल पुराना मल्हारगंज थाना जमींदोज, यहां बनेगा अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन, मशीनों के शोर से लोग परेशान - Indore News

Published on 16 अक्टू॰ 2026
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  • The 74 year old Malharganj Police Station Has Been Demolished, And An Underground Metro Station Will Be Built Here, With Noise From The Machinery Troubling Residents.

इंदौर37 मिनट पहले

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  • विकास के लिए - गहरी सुरंग बनाते हुए एयरपोर्ट से बड़ा गणपति की ओर बढ़ रही है मशीन

पश्चिमी इंदौर में 74 साल से संचालित मल्हारगंज थाने का पुराना भवन अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए गुरुवार को जमींदोज कर दिया गया। नगर निगम की गैंग ने बुलडोजर से सुबह इसे तोड़ना शुरू किया और दो घंटे में पूरा भवन मलबे में बदल दिया। यहां वर्षों से छाया दे रहा पेड़ भी काट दिया गया। मल्हारगंज थाना अब जिंसी क्षेत्र में बनी नई बिल्डिंग से संचालित हो रहा है।

छोटा गणपति और मल्हारगंज क्षेत्र में अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन का काम तेजी से चल रहा है। छोटा गणपति स्टेशन के लिए कुल 268 पिलरों की पाइलिंग की जाना है। इसके लिए मशीनों से खुदाई और कांक्रीट का काम चल रहा है। मशीनों के तेज शोर और जमीन के कंपन से परेशान रहवासी पहले भी विरोध जता चुके हैं।

तीन महीने पहले कुछ मकान हटाए गए थे

मेट्रो ट्रेन के अंडरग्राउंड ट्रैक के लिए टनल बोरिंग मशीन एयरपोर्ट के पास से 18 मीटर गहरे शाफ्ट से सुरंग बना रही है। सुरंग के साथ यह बड़ा गणपति की ओर बढ़ रही है। सबसे पहले एयरपोर्ट रोड से मल्हारगंज क्षेत्र के अंडरग्राउंड हिस्से को जोड़ा जाएगा। स्टेशन निर्माण के लिए करीब तीन महीने पहले कुछ मकान भी हटाए गए थे।

सुरंग खोदने के लिए टीबीएम ‘नर्मदा’ के बाद दूसरी मशीन ‘सरस्वती’ भी लॉन्च

इंदौर मेट्रो के भूमिगत कॉरिडोर निर्माण में दूसरा बड़ा चरण शुरू हो गया है। पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘नर्मदा’ के बाद अब दूसरी मशीन ‘सरस्वती’ भी तैयार है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एयरपोर्ट स्थित निर्माण शाफ्ट में टीबीएम ‘सरस्वती’ की लॉन्चिंग की। प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने के लिए कहा।

एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच सुरंग खोदने के लिए तैनात टीबीएम ‘सरस्वती’ का वजन लगभग 410 मीट्रिक टन है। इसे पहले ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया, फिर शाफ्ट में सुरक्षित उतारा गया। सुरंग क्षेत्र के 30 मीटर दायरे में आने वाले भवनों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। जमीन और इमारतों में मामूली बदलाव पकड़ने के लिए सेंसर लगाए गए हैं। इंदौर मेट्रो में दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और लखनऊ की तर्ज पर सतह से काफी नीचे खुदाई की जा रही है।

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