टोंक समेत प्रदेश के 69140 सरकारी-स्कूलों में बनेंगे इको क्लब्स: 62 करोड़ 74 लाख का बजट मिलेगा; पौधरोपण, जल संरक्षण गतिविधियां जरूरी - Tonk News

Published on 24 जुल॰ 2026

टोंक समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाने के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सत्र 2026-27 के लिए शुक्रवार को 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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इसके तहत टोंक के डेढ़ हजार समेत प्रदेश के 69 हजार 140 से अधिक विद्यालयों में इको क्लब संचालित किए जाएंगे।

विद्यालयों को उनकी श्रेणी के अनुसार 5 हजार से 15 हजार रुपए सहित कुल 6274.500 लाख रुपए का बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा।

स्वच्छता कार्यक्रमों, स्टेशनरी पर खर्च होगा

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जारी आदेश के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सतत विकास लक्ष्यों और भारत सरकार के मिशन लाइफ के अनुरूप विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

स्कूल स्तर पर जल संरक्षण, जैव विविधता व स्वच्छता, पौधरोपण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी गतिविधियां पूरे वर्ष संचालित होगी।

परिषद ने प्राथमिक विद्यालयों के लिए 5 हजार, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 10 हजार तथा माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15 हजार रुपए की राशि निर्धारित की है।

इस राशि का उपयोग विद्यार्थियों की सामूहिक गतिविधियों, स्वच्छता कार्यक्रमों, स्टेशनरी और इको क्लब गतिविधियों पर किया जाएगा।

ऐसे मिलेगी स्कूलों को अनुदान राशि

विद्यालय

श्रेणी संख्या

राशि

प्राथमिक विद्यालय

31945

5000

उच्च प्राथमिक विद्यालय

18040

10000

उच्च माध्यमिक विद्यालय

19155

15,000

टोंक की स्कूलों को मिलेंगे 137.350 लाख

टोंक जिले में प्राथमिक विद्यालय 641, उच्च प्राथमिक विद्यालय 477,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय 384 सहित कुल 1502 स्कूलों को 137.350 लाख रुपए सत्र 2026-27 के लिए 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के आयोजन के लिए मिलेंगे।

राशि ऐसे खर्च होगी

राज्य स्कूल शिक्षा परिषद ने उपयोग की समय-सीमा भी तय की है। जुलाई से सितंबर तक 40 प्रतिशत राशि, अक्टूबर से दिसंबर तक 30 प्रतिशत और जनवरी से मार्च तक शेष 30 प्रतिशत राशि स्टेशनरी,पेन, पेन्सिल इत्यादि विद्यार्थियों की सामुहिक गतिविधियां,विद्यालय में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं इको क्लब फॉर मिशन लाईफ की गतिविधियों पर राशि खर्च करनी होगी।

निर्धारित अवधि में राशि का उपयोग नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

जुलाई से जून माह तक चलेगी गतिविधियां

दिशा-निर्देशों के अनुसार जुलाई में वन महोत्सव और जल संरक्षण अभियान, अगस्त में प्लास्टिक मुक्त विद्यालय अभियान, सितंबर में स्वच्छता एवं ओजोन दिवस कार्यक्रम, अक्टूबर में ऊर्जा संरक्षण सप्ताह, नवंबर में जैव विविधता गतिविधियां और दिसंबर में अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशालाएं आयोजित की जाएगी।

इसके अलावा जनवरी से जून तक भी विभिन्न पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। विद्यालयों में किचन गार्डन, औषधीय वाटिका, पौध संरक्षण, सूखे-गीले कचरे का पृथक्करण, कम्पोस्ट पिट निर्माण, पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताएं, नवाचार मेले तथा जागरूकता रैलियां भी आयोजित होगी। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ गठन के निर्देश

शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य के 69 हजार 140 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूलों में इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ गठन के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिससे सरकारी स्कूलों में पेड़ पौधे लगाने से हरियाली होगी एवं विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शिक्षक संघ रेसटा की राज्य स्कूल शिक्षा परिषद से मांग है कि पिछले शिक्षा सत्र में इस मद में राशि जारी नहीं की गई थी, इसलिए अब पिछले सत्र की राशि भी जारी की जाएं। ताकि यह कार्य सुचारू रह सके।