फरीदाबाद पुलिस ने 628 आरोपियों की तलाश करने के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट आरजेएसएफ (RJSF) शुरू किया है। ये सभी वो आरोपी है जो पिछले 10 सालों में कोर्ट से बेल मिलने के बाद अपने ठिकाने बदल चुके हैं। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, रंगदारी और शस्त्र
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पुलिस सभी का दोबारा से सत्यापन कर रही है। पुलिस ने इनको बेल जंपर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बेल पर छूटे, लेकिन दिए पते से गायब
पुलिस डीसीपी क्राइम राजेश कुमार मोहन ने बताया कि पिछले 10 वर्षों के गंभीर अपराधों का विस्तृत विश्लेषण कर 3,499 अपराधियों की सूची तैयार की गई। इसके बाद सभी संबंधित थाना प्रभारियों को इन अपराधियों का भौतिक सत्यापन, नियमित निगरानी और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। पुलिस टीमों ने घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में ऐसे आरोपी सामने आए जो अपने दर्ज पते पर नहीं मिले।

628 आरोपियों की तलाश करने के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट आरजेएसएफ (RJSF) शुरू किया
बेल जंपर घोषित किया जा रहा
डीसीपी ने बताया कि ऐसे फरार आरोपियों को अदालत की प्रक्रिया के तहत बेल जंपर घोषित किया जा रहा है। उनकी न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अब उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अब तक तीन जमानतदारों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 491 के तहत न्यायालय में आवेदन दायर किया जा चुका है, जबकि आठ अन्य जमानतदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में अन्य बेल जंपर घोषित होने वाले आरोपियों के जमानतदारों पर भी इसी तरह कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि आदतन अपराधियों पर प्रभावी निगरानी स्थापित कर भविष्य में गंभीर अपराधों की पुनरावृत्ति रोकना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
अभियान में अभी तक की कार्रवाही
- पिछले 10 वर्षों के 3,499 गंभीर अपराधियों की पहचान कर सत्यापन शुरू।
- 2,212 अपराधियों (63.22 प्रतिशत) का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है।
- 1,368 आरोपी अपने दर्ज पते पर मिले।
- 161 आरोपी विभिन्न जेलों में बंद पाए गए।
- 55 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।
- 35 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई।
- अभियान के दौरान 13 वांछित गंभीर अपराधियों को काबू किया गया।
628 आरोपी अपने दर्ज पते पर नहीं मिले
फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके जमानतदारों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित हो और शहर में गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।