
21 हाथियों का दिखा शाही अंदाज.
World Elephant Day: ‘विश्व हाथी दिवस’ के मौके पर जयपुर के आमेर स्थित हाथी गांव में बुधवार को खास एलिफेंट फैशन शो आयोजित किया गया. इस दौरान 21 हाथियों को पारंपरिक पोशाक और आकर्षक आभूषणों से सजाया गया. सजने-संवरने के बाद हाथियों ने रेड कारपेट पर रैंप वॉक किया. हाथियों का शाही अंदाज देखकर वहां मौजूद पर्यटक और दर्शक काफी उत्साहित नजर आए. लोगों ने इस अनोखे नजारे को मोबाइल कैमरों में कैद किया.
62 लाख के चांदी के गहनों से सजा बाबू हाथी
फैशन शो में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बाबू हाथी रहा. बाबू को श्री, कंठा और पायजेब समेत करीब 62 लाख रुपए के शाही गहनों से सजाया गया था. इन आभूषणों की वजह से बाबू हाथी का रूप बेहद खास नजर आ रहा था. उसके साथ चंदा, पुष्पा और हेमा समेत कई अन्य हाथियों ने भी रैंप पर वॉक किया. हाथियों के माथे, गले और पैरों में पारंपरिक आभूषण पहनाए गए थे. जब ये हाथी रेड कारपेट पर पहुंचे तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. पूरे कार्यक्रम में हाथियों की सजावट और उनका रैंप वॉक आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा.
सूंड से काटा केक, जमकर हुई फलों की दावत
फैशन शो के दौरान हाथियों के लिए खास इंतजाम भी किए गए. कार्यक्रम में हाथियों ने अपनी सूंड से केक काटा. इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह के फल खिलाए गए. आयोजकों के मुताबिक, हाथियों के लिए करीब 3 हजार किलो फल मंगाए गए थे. केले समेत कई तरह के फलों की दावत हाथियों को दी गई. हाथियों के साथ काम करने वाले लोगों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान उनकी देखभाल की. उनके लिए खाने-पीने और आराम की भी विशेष व्यवस्था की गई थी.
संरक्षण का संदेश देने की कोशिश
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ मनोरंजन या हाथियों को सजाकर दिखाना नहीं था. इसके जरिए लोगों को हाथियों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया गया. हाथी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में हाथियों की देखभाल और उनके संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया. आयोजकों ने हाथियों के लिए विशेष स्टॉल भी लगाए थे, जहां उनके लिए फल रखे गए थे. कार्यक्रम के दौरान लोगों को हाथियों के महत्व और उनके संरक्षण की जरूरत के बारे में भी बताया गया.
विदेशी मेहमानों ने भी देखा शाही अंदाज
एलिफेंट फैशन शो देखने के लिए बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक हाथी गांव पहुंचे. आर्मेनिया और सोमालिया से आए डिप्लोमेट्स भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. उन्होंने हाथियों की पारंपरिक सजावट, रैंप वॉक और केक काटने का नजारा देखा. विश्व हाथी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में जयपुर की संस्कृति और हाथियों के संरक्षण का संदेश एक साथ देखने को मिला. शाही गहनों से सजे हाथियों का रेड कारपेट पर रैंप वॉक और उनके लिए आयोजित फलों की दावत पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बनी रही.

ध्वज आर्य
राजस्थान में 2008 से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत. 18 वर्षों के पत्रकारिता करियर में राजनीति, सामाजिक मुद्दे, विकास, अपराध और ग्राउंड रिपोर्टिंग पर काम. खबर की तह तक जाने, तथ्यों की पुष्टि करने और जटिल विषयों को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाने में विशेषज्ञता. प्रिंट से डिजिटल मीडिया तक के बदलाव को करीब से देखा. प्रिंट ,डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्लेटफार्म पर काम का अनुभव. पत्रकारिता की शुरुआत के 10 साल क्राइम रिपोर्टिंग की. पूर्व में समाचार प्लस, इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर और अब नेशनल चैनल TV9 भारतवर्ष में राजस्थान ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी. इस सफर के दौरान ब्रेकिंग न्यूज से लेकर इन्वेस्टिगेशन स्टोरी के साथ कई बड़े खुलासे, कई बड़े चुनाव, आपदा, बड़े आंदोलनों की ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज समेत भारत पाकिस्तान युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) को कवर किया. क्राइम की खबरों, बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और युद्ध कवरेज में सबसे ज्यादा रूचि. मेरा मानना है कि खबर सिर्फ एक घटना नहीं है, उसके पीछे का सच भी है. पत्रकारिता का काम सत्ता पक्ष से सवाल पूछना और जनता की आवाज़ बनना है. निष्पक्षता, गति और सटीकता मेरी रिपोर्टिंग के तीन स्तंभ हैं.
Read More