एक ही गुहार- पत्नी से बचाओ: पति की हत्या के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरा; 6 माह में यहां 36 केस, हेल्पलाइन पर एमपी से 12577 कॉल पहुंचे - Bhopal News

Published on 13 अग॰ 2026

इंदौर के सोनम रघुवंशी केस से लेकर हाल में पुणे का सिया गोयल कांड...ऐसे मामले अब महज सोशल मीडिया मीम्स तक सीमित नहीं रहे। कातिल पत्नियों के किस्से रियल लाइफ में पुरुषों की रूह सिहरा रहे हैं।

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यही वजह है कि पुरुष अधिकारों के लिए काम करने वाले संस्थाओं की हेल्पलाइन पर मदद मांगने वाली कॉल्स की बाढ़ आ गई है। राष्ट्रीय पुरुष आयोग की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज हो रहा है।

इसकी वजह भी है। 2026 के पहले छह महीनों में ही देशभर में पति की हत्या के 322 और आत्महत्या के 232 मामले सामने आए हैं। इनमें 60% की वजह विवाहेतर संबंध रहे। मप्र इस मामले में देश में दूसरे नंबर पर है। यहां पति की हत्या के 36 मामले सामने आए हैं। उप्र 93 मामलों के साथ पहले नंबर पर है।

राष्ट्रीय पुरुष आयोग आंदोलन से 70 एनजीओ और 10-12 हजार एक्टिविस्ट जुड़े

हेल्पलाइन पर लगातार बढ़ रहे कॉल राष्ट्रीय पुरुष आयोग की मांग को लेकर देश में आंदोलन चल रहा है। इससे 70 एनजीओ व 10-12 हजार मेन्स राइट्स एक्टिविस्ट जुड़े हैं। आंदोलन के कोऑर्डिनेटर पंकज पंत बताते हैं, पुरुषों के लिए संचालित तीन हेल्पलाइन के टॉप-10 राज्यों के आंकड़े देखें तो 2025 में 58,289 कॉल आए थे, इस साल जून तक ही 87,969 कॉल आ चुके हैं। मप्र से वर्ष 2025 में 8108 कॉल मिले थे। 2026 जून तक 12,577 कॉल मिले हैं।

ये एक्टिविस्ट जुड़े हैं आंदोलन से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. एपी सिंह, दीपिका नारायण भारद्वाज, केडी झा, बरखा त्रेहान, पंकज पंत, अतुल केसरी, जहूर खान, सत्य नारायण गुप्ता, भोपाल के जकी अहमद, अशोक दसोरा, मिलिंद अग्रवाल जैसे जाने-माने लोग पुरुष अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं और ये कारवां बढ़ता ही जा रहा है।

ये संस्थाएं जुड़ीं : पौरुष, पुरुष आयोग आंदोलन, न्याय संकल्प, भाई संस्था, फाइट फॉर जस्टिस व अन्य।

रिपोर्ट में एक-एक पीड़ित का विवरण : पौरुष संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा ने बताया, हम लोग विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित इस तरह के समाचारों का लगातार अध्ययन करते हैं। हर पीड़ित का नाम, पता, उम्र, आदि पूरे विवरण के साथ विस्तृत फाइल बनाई है।

हत्या का कारण (विवाहेतर संबंध, विवाद, सुपारी किलिंग) आदि भी दर्ज किया गया है। पीडीएफ फाइल में प्रत्येक केस के साथ उससे सबंधित समाचारों की डिजिटल लिंक संलग्न की गई है।

मदद के लिए एप भी बनाया

भाई संस्था के फाउंडर मेंबर जकी अहमद ने बताया कि ज्यादातर कॉल में यही गुहार होती है कि पत्नी और उसका प्रेमी मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं। हमने पुरुषों के अधिकार और कानूनी सहायता के लिए SIFONE एप बनाया गया है।