इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले छह महीने में 965 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान लिए गए 834 लीगल नमूनों में से 630 की जांच रिपोर्ट मिली, जिनमें 100 नमूने फेल पाए गए। अब तक जांचे गए लीगल नमूनों में करीब 15.9% अमानक न
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जिला खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन विभाग के मुताबिक छह महीने में नमूने लेने का लक्ष्य 660 था, जबकि 834 नमूने लिए गए। इनमें 630 की जांच पूरी हुई है। शेष 204 नमूनों की रिपोर्ट उपलब्ध आंकड़ों में दर्ज नहीं है। सर्विलेंस नमूनों का लक्ष्य 990 था, जबकि 1212 नमूने लिए गए। इनमें 727 की जांच हुई और 23 नमूने फेल मिले। सर्विलेंस नमूने निगरानी और गुणवत्ता की स्थिति जानने के लिए लिए जाते हैं। इनका उद्देश्य नमूनों की तरह सीधे दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं होता।
होटल-ढाबों में सबसे ज्यादा दिक्कतें, साफ-सफाई और रखरखाव की खामियां ज्यादा मिलीं जांच में
अधिकारियों के अनुसार दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों की जांच के लिए 20 जुलाई से विशेष अभियान चलाया गया। होटल और रेस्टोरेंट की जांच के लिए 12 से 26 सितंबर तक विशेष अभियान चला। जांच में खाद्य सामग्री के रखरखाव, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी खामियां मिलीं। कुछ प्रतिष्ठानों में पानी की जांच रिपोर्ट, खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड और पेस्ट कंट्रोल से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे।
13.60 लाख की वसूली : छह महीने में खाद्य सुरक्षा से जुड़े 38 प्रकरण कोर्ट में पेश किए गए। इनमें से 20 का निराकरण हुआ और सभी 20 में दोष सिद्ध होने पर कुल 50.50 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया। इसमें से 13.60 लाख रुपए की वसूली की गई है। यह कुल लगाए गए अर्थदंड का करीब 27% है। शेष राशि की वसूली के लिए विभाग की कार्रवाई जारी है। 18 प्रकरणों का निराकरण बाकी है। खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन से विभाग को इस अवधि में 1 करोड़ 19 लाख 70 हजार रुपए का राजस्व मिला। यह राशि लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन से संबंधित है, इसे मिलावट के मामलों में लगाए गए अर्थदंड से अलग समझना होगा।
उपभोक्ता पैक पर ये बातें जरूर देखें
- खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख, सामग्री की सूची और निर्माता का विवरण देखें।
- पैकेट पर एफएसएसएआई लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर भी जांचें।
- फूले हुए, रिसते या क्षतिग्रस्त पैकेट न खरीदें।
- खुले खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, रखरखाव और दुकान की साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो बिल या खरीद का प्रमाण संभालकर रखें और खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
(जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के मुताबिक)
क्यों मनाया जाता है विश्व खाद्य दिवस
यह दिन संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएक्यू) की स्थापना (16 अक्टूबर 1945) की स्मृति में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक भुखमरी, कुपोषण और खाद्य सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना एवं हर व्यक्ति के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना है। इस दिन को दुनियाभर के 150 से अधिक देशों में विभिन्न संगठनों और सरकारों द्वारा मनाया जाता है।