वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर देशभर में जारी विवाद और हंगामे के बीच चंडीगढ़ इलेक्शन डिपार्टमेंट ने बैकफुट पर आते हुए बड़ा कदम उठाया है। 22 सितंबर को पूरी हुई एसआईआर प्रक्रिया के दौरान शहर के 56,218 वोटर्स के नाम डिलीट हो चुके
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अब इन कटे हुए वोटर्स को फिर से ढूंढ़ने और योग्य पाए जाने पर वोटर लिस्ट में वापस जोड़ने के लिए इलेक्शन डिपार्टमेंट 7 से 11 अक्टूबर तक 5 दिनों का स्पेशल ड्राइव शुरू कर रहा है। पहले विभाग ने सिर्फ 10-11 अक्टूबर को पोलिंग बूथों पर 2 दिन के स्पेशल कैंप लगाने का प्लान बनाया था।
लेकिन देश भर में मचे बवाल के बाद नीति बदलते हुए न सिर्फ अभियान को 5 दिन का किया गया, बल्कि बूथों पर बैठने के बजाय अब सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को सीधे उन घरों में री-विजिट करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां से वोट डिलीट हुए हैं।
इलेक्शन डिपार्टमेंट के निर्देश...
इलेक्शन डिपार्टमेंट ने 22 सितंबर को जारी फाइनल फोटो वोटर लिस्ट-2026 के संबंध में नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट ceochandigarh.gov.in, संबंधित ईआरओ या बीएलओ के माध्यम से अपने नाम और जानकारी की जांच-वेरिफिकेशन करने की सलाह दी है।
पोलिंग बूथों पर समय: 7 से 11 अक्टूबर 2026 तक सभी पोलिंग बूथों पर स्पेशल एनरोलमेंट कैंप भी रहेगा, जहां बीएलओ सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक मौजूद रहेंगे।
लिस्ट का मिलान: बीएलओ मौजूदा वोटर लिस्ट का प्री-एसआईआर वोटर लिस्ट से मिलान करेंगे ताकि छूटे हुए वोटर्स की पहचान हो सके।
सार्वजनिक होगी लिस्ट: एसआईआर के दौरान एब्सेंट (A), शिफ्टेड (S), मृत (D) और डुप्लिकेट वोटर्स की सूची आम लोगों और अन्य के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी।
वेरिफिकेशन का प्रोसेस: यदि संबंधित डिलीटेड वोटर शिफ्ट हो गया है, तो आसपास या उस मकान में रह रहे व्यक्ति से साइन करवाए जाएंगे। किसी दूसरी जगह चले गए वोटर या मृत व्यक्ति के मामले में उनके परिजनों के साइन लिए जाएंगे।
ग्राउंड लेवल पर चुनौती: बीएलओ की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि दी गई लिस्ट में वोटर का नाम और डिलीट होने का कारण तो दर्ज है, लेकिन उनका सटीक एड्रेस दर्ज नहीं है। ऐसे में बीएलओ को अपने एरिया में फिर से घर-घर जाकर खाक छाननी पड़ेगी। इस दौरान अगर किसी घर में नए योग्य वोटर मिलते हैं, तो उनसे भी फॉर्म भरवाए जाएंगे।
इलेक्शन डिपार्टमेंट के 500 से ज्यादा बीएलओ को उनके एरिया-वाइज 56,218 डिलीटेड वोटर्स की लिस्ट सौंप दी गई है। औसतन हर बीएलओ के हिस्से 110 से 120 ऐसे वोटर्स आए हैं, जिन्हें अगले 5 दिनों में वेरिफाई करना है।
15 जून से शुरू होकर 22 सितंबर 2026 तक चले 99 दिनों के एसआईआर प्रोसेस के दौरान हर रोज औसतन 568 वोटर्स डिलीट होते चले गए।
तारीख/चरण कुल वोटर्स स्थिति / बदलाव
15 जून 2026 (एन्यूमरेशन फेज शुरू होने से पहले) 5,16,427 शुरुआत में रजिस्टर्ड वोटर्स
21 जुलाई 2026 (एन्यूमरेशन फॉर्म का काम पूरा होने पर) 4.50 लाख करीब 66 हजार वोटर्स कम हो गए
22 सितंबर 2026 (फाइनल फोटो वोटर लिस्ट जारी) 4,60,209 10 हजार नए वोटर्स जुड़े, लेकिन कुल 56,218 वोट कटे