500 एमवीए का दूसरा पावर ट्रांसफॉर्मर पहुंचा: रिफाइनरी में ओवरलोडिंग हमेशा के लिए होगी दूर, 15-20 अक्टूबर तक चार्ज होगा सिस्टम - Barmer News

Published on 8 अक्टू॰ 2026

पचपदरा रिफाइनरी (एचआरआरएल) और इस पूरे औद्योगिक बेल्ट को अब बिजली कटौती या ट्रिपिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा। रिफाइनरी के लगातार बढ़ते लोड और भविष्य की विशाल ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ने यहां बिजली का अभेद्य

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करीब 260 करोड़ रुपए की लागत से 400 केवी जीएसएस पचपदरा का निर्माण पूरा होने के बाद, अब इसे फुलप्रूफ बनाने के लिए 500 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर साइट पर पहुंच चुका है। इसे 15 से 20 अक्टूबर के बीच पूरी तरह चार्ज कर दिया जाएगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से न सिर्फ रिफाइनरी को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

रिकॉर्ड समय में यूं चार्ज हुआ पूरा प्रोजेक्ट

10 दिसंबर 2024: 400 केवी जीएसएस पचपदरा और संबद्ध 400 केवी लाइनें चार्ज की गई। 31 जनवरी 2025: 220 केवी पचपदरा–एचआरआरएल सर्किट-1 एवं सर्किट-2 चार्ज। 13 फरवरी 2025: 220 केवी बालोतरा–बोरानाडा लाइन चार्ज। 12 मार्च 2025: सिस्टम की पूर्ण सुरक्षा के लिए 125 एमवीएआर रिएक्टर को चार्ज किया गया। 16 जून 2025 से 20 जुलाई 2026 बालोतरा–एचआरआरएल लीलो लाइन को एंटी-थैफ्ट मोड से गुजारते हुए सफलतापूर्वक लोड पर जोड़ा गया।

डिमांड से पहले ही तैयारी

रिफाइनरी के लिए भविष्य में कुल 1000 एमवीए क्षमता की जरूरत तय की गई थी। इसे पूरा करने के लिए डिपोजिट वर्क के तहत पहले ही 500 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जा चुका है। अब दूसरा 500 एमवीए का पावर ट्रांसफॉर्मर लगाया जा रहा है।

अत्याधुनिक लाइनों का बिछा हाई-वोल्टेज जाल

रिफाइनरी और आसपास के इलाके में हाई-वोल्टेज और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति 24 घंटे करने के लिए कई उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई गई हैं

राजवेस्ट–ककानी लाइन: 36.11 किमी लंबी 400 केवी डबल सर्किट लीलो लाइन का कार्य 21 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था। इससे 400 केवी जीएसएस पचपदरा को पचपदरा–राजवेस्ट और ककानी के रूप में दो मजबूत 400 केवी रूट मिल चुके हैं।

पचपदरा–एचआरआरएल लाइन (सर्किट-1 व 2): रिफाइनरी के लिए 220 केवी की दो अलग-अलग लाइनें (पहली 14.29 किमी और दूसरी 15.51 किमी) खींची हैं।

बालोतरा–बोरानाडा लाइन: 8.947 किमी लंबी 220 केवी डी/सी लीलो लाइन को रिफाइनरी के लिए जोड़ा गया है। बालोतरा–एचआरआरएल लाइन: 5.20 किमी लंबी 220 केवी डी/सी लीलो लाइन भी सफलतापूर्वक स्थापित की गई है।

पचपदरा–बालोतरा बेल्ट में बिजली तंत्र मजबूत होगा

पचपदरा रिफाइनरी की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और क्षेत्र के औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए प्रसारण निगम ने इस ट्रांसमिशन तंत्र को अत्याधुनिक और बेजोड़ बनाया है। 260 करोड़ की लागत से तैयार 400 केवी जीएसएस और संबद्ध लाइनों के बाद, अब स्थापित होने वाला 500 एमवीए का अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर इस व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ बना देगा। अक्टूबर के मध्य तक इसे चार्ज कर दिया जाएगा। - सवाईसिंह खत्री, एईएन, आरवीपीएनएल बाड़मेर।