जयपुर47 मिनट पहलेलेखक: मनोज शर्मा
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राजस्थान में पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार ने पंचायतों के अधिकार बढ़ाने का अहम फैसला किया है। सरकार के फैसले से पंचायतों को कम राशि वाली जमीन नीलामी के मामलों में अधिक अधिकार मिलेंगे।
पंचायतों को दो लाख रुपए तक की जमीन नीलामी के लिए अब उच्च स्तर से पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने वर्ष 2011 के बाद अब पंचायतों को दिए जाने वाले अधिकारों को संशोधन किया है। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले ₹50 हजार से अधिक की बोली पर ही उच्च स्तर की मंजूरी का प्रावधान था। अब यह सीमा बढ़ाकर ₹2 लाख कर दी गई है।
विभाग के अनुसार सरकार ने राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 154 में अहम संशोधन करते हुए पंचायतों की जमीन नीलामी से जुड़े करीब 15 साल पुराने प्रावधानों को बदल दिया है। सबसे बड़ा बदलाव जमीन की नीलामी में सबसे ऊंची बोली की राशि के आधार पर मंजूरी की सीमा को लेकर किया गया है। अब ₹2 लाख तक की सबसे ऊंची बोली होने पर नियम 154(3) के तहत पंचायत को पंचायत समिति, जिला परिषद या राज्य सरकार से पूर्व मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
₹2 लाख से ज्यादा पर मंजूरी जरूरी सरकार के नए प्रावधान के अनुसार, यदि सबसे ऊंची बोली ₹2 लाख से अधिक है तो पंचायत को संबंधित उच्च प्राधिकारी से पूर्व अनुमोदन लेना होगा। ₹2 लाख से अधिक और ₹5 लाख तक : संबंधित पंचायत समिति की पूर्व मंजूरी। ₹5 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक: संबंधित जिला परिषद की पूर्व मंजूरी। ₹10 लाख से अधिक : सरकार की पूर्व मंजूरी।
तर्क : प्रक्रिया तेज और आसान होगी सरकार का तर्क है नए प्रावधान से छोटी राशि की जमीन नीलामी के मामलों में बार-बार मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। इससे नीलामी प्रक्रिया में फैसला लेने की प्रक्रिया सरल और तेज होगी। बड़ी राशि की जमीन की बिक्री पर पंचायत समिति, जिला परिषद और सरकार की निगरानी पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन इसकी सीमा बढ़ा दी गई है।
अब ‘ग्रामीण सेवा शिविर 2026’ : सरकार ने नियम 154 के साथ-साथ नियम 157 और नियम 160 में भी बदले हैं। नियम 157 में ‘प्रशासन गांव के संग अभियान 2021 और 2023’ की जगह अब ‘ग्रामीण सेवा शिविर 2026 या पंचायती राज अथवा राजस्व विभाग की ओर से किसी भी नाम से आयोजित शिविर को शामिल किया गया है।
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