अलवर/जयपुर40 मिनट पहले
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अलवर में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर धरने पर बैठे वनमंत्री।
नगर निगम में सफाई कर्मचारी भर्ती-2012 के 369 कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए बुधवार को हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा हुआ। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ही कलेक्टर और निगम आयुक्त के खिलाफ धरने पर बैठ गए। 5 घंटे बाद 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला तब धरना खत्म किया। फिलहाल, बाकी अभ्यर्थियों को 16 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। नियुक्ति पत्र में देरी के लिए वनमंत्री ने कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला और निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘कलेक्टर को तो लूटकर खाना है, ये अलवर में रहने लायक ही नहीं हैं, उन्हें रखने पर सरकार को निर्णय करना है।’
आयुक्त सोहन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सीनियर आईएएस रवि जैन की नहीं मान रहे। डीएलबी डायरेक्टर की नहीं मान रहे। कलेक्टर और आयुक्त, आप लोग चाहते क्या हो? तुम कोई राज्य सरकार से बड़े हो गए क्या या तुम ही सरकार हो?
सरकार सफाईकर्मियों को नियुक्ति देने का अधिकार दे चुकी है। फिर भी कलेक्टर और आयुक्त गुमराह करते रहे। इनकी नियुक्ति पत्र देने की मंशा नहीं है। कलेक्टर से कोई व्यक्तिगत बैर नहीं है। पहले कलेक्टर ने मुझे 100 लोगों के फॉर्म जांचने की बात कही। फिर संख्या 82 और अंत में 69 लोगों की बात कही। -संजय शर्मा, वन मंत्री
निकाय चुनाव से पहले यह फेस सेविंग ड्रामा है। कोर्ट से डेढ़ साल पहले आर्डर हो गए थे तो फिर नियुक्ति क्यों नहीं करवाई गई? सरकार और मंत्री से पूछना चाहता हूं कि अब चुनाव आ रहे हैं तो इन्हें भ्रष्टाचार कैसे दिख रहा है? -टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष
14 साल उलझी रही भर्ती, हाई कोर्ट तक गया मामला
- 2012 में 329 पदों पर भर्ती निकाली गई। लॉटरी के विरोध में हाई कोर्ट अपील।
- 2014 में डीएलबी जांच में आया कि कई अभ्यर्थी 18 साल से कम थे। भर्ती रद्द हुई।
- 2025 में 750 पदों की नई भर्ती में ये पद शामिल। 10 अगस्त को योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति के आदेश
सीकर में जन सेवा शिविर में लापरवाहों को बचाने के आरोप पूर्व कलेक्टर पर लगाए थे
वन मंत्री संजय शर्मा मंत्री बनने के बाद से अब तक कई बार अपनी ही सरकार में अधिकारियों से विवाद में घिरे रहे हैं।
- जून 2025 : हाईवे पर बिना परमिट लकड़ी की गाड़ी पकड़ी। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अवैध खनन को लेकर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
- दिसंबर 2025 : सीकर में प्रभारी मंत्री के रूप में जनसेवा शिविर में मंत्री संजय शर्मा और कलेक्टर मुकुल शर्मा में नोकझोंक हुई थी। कलेक्टर पर अनियमितताओं में शामिल लोगों को बचाने का आरोप लगाए थे।
- अक्टूबर 2025 : रणथंभौर में अधिकारियों की मॉनिटरिंग पर सवाल उठो थे। व्यवस्थाओं और निगरानी में कमी मिलने पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के कामकाज पर नाराजगी जताई थी।
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