'राहुल गांधी में जिन्ना की आत्मा घुस चुकी है, उत्तर प्रदेश को 5 देश बनाने में जुटे'- निशिकांत दुबे का हमला

Published on 12 अग॰ 2026

Nishikant Dubey and Rahul Gandhi: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “इनके अंदर जिन्ना की आत्मा घुस चुकी है।” उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- राहुल गांधी और विपक्ष का एजेंडा उत्तर प्रदेश को पांच देशों में बांटने का है। 

Nishikant Dubey and Rahul Gandhi: संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव जारी है। इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के एजेंडे में देश को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की कोशिश शामिल है।

संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन लोगों के साथ है जो जॉर्ज सोरोस के कथित फॉर्मूले को लागू करना चाहते हैं और देश को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि “इनके अंदर जिन्ना की आत्मा घुस चुकी है।”

'जिन्ना ने तो केवल भारत और पाकिस्तान दो देश बनाए, लेकिन…'

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी हर उस व्यक्ति के साथ है जो सोरोस के फॉर्मूले को लागू करना चाहती है। इस देश को तोड़ना चाहती है। हर उस सिस्टम के पक्षधर है, जो देश के टुकड़े-टुकड़े करना चाहती है।”

उन्होंने आगे कहा, “जिन्ना ने तो केवल भारत और पाकिस्तान दो देश बनाए। राहुल गांधी का जो एजेंडा है विपक्ष के साथ, ये तमिलनाडू को एक देश, पंजाब को एक देश, नॉर्थ ईस्ट को एक देश, उत्तर प्रदेश को पांच देश बनाने के एजेंडे पर चल रहे हैं।” इसके बाद कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में पूरी बात रखेंगे। उन्होंने कहा, “इस एजेंडे का पूरा पर्दाफाश माननीय गृहमंत्री जी संसद के अंदर कर देंगे।”

'अमित शाह का सामना करने की न हिम्मत, न हैसियत'

संसद में जारी गतिरोध को लेकर भी निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “इस डर के कारण पूरी संसद को इतने दिनों तक बंधक बनाए रखा। 543 सांसद हैं, लेकिन केवल 100 लोग 445 लोगों को बोलने नहीं देते। क्या इससे भी बड़ा कोई गला घोंट सकता है लोकतंत्र का।”

निशिकांत दुबे ने मौजूदा स्थिति की तुलना 1975 के आपातकाल से भी की। उन्होंने कहा, “जिस तरह से 1975 में आपने आपातकाल देखा, उसी तरह का आपातकाल राहुल गांधी जी ने इस समय देश में लागू कर दिया है।” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “इनको अमित शाह जी का सामना करने का न हिम्मत है, न हैसियत है। अमित शाह जी इनके रहमोकरम पर नहीं हैं।”

आखिर संसद में किस मुद्दे पर गतिरोध जारी है

आपको बताते चलें कि संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है। छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध बना हुआ है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर नीट से जुड़े आंदोलन के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने का आग्रह किया था।

शाह ने कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और वह सदन में मौजूद रहकर विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने लोकतंत्र में संवाद और चर्चा को समाधान का रास्ता बताया था। वहीं, विपक्ष की ओर से कहा गया कि वह गृह मंत्री का भाषण या लेक्चर सुनने के बजाय यह जानना चाहता है कि दिल्ली में छात्रों पर कथित कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।