
गांव में लगाया गया वैक्सीनेशन कैंप.
Gorakhpur News: गोरखपुर में एक गाय की मौत के बाद दो गांवों के लोगों में डर का माहौल है. दरअसल, गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव में दुर्गा पूजा के दौरान जिस गाय के दूध से चरणामृत बनाया गया था, उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. कुछ दिनों बाद गाय की तबीयत बिगड़ गई और मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई. जब ग्रामीणों को गाय के साथ हुई इस घटना की जानकारी मिली तो चरणामृत पीने वाले लोग चिंतित हो गए. इसके बाद करीब 450 लोगों ने एहतियात के तौर पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई.
गाय की मौत के बाद लोगों में बढ़ी चिंता
यह मामला गोला ब्लॉक के डाड़ी खास गांव का है. यहां दुर्गा पूजा के दौरान गाय के दूध से चरणामृत तैयार किया गया था. गांव के अलावा आसपास के गोविंदपुर गांव के श्रद्धालुओं ने भी चरणामृत पिया था. बताया गया कि गाय का दूध कुछ दुकानों और घरों तक भी पहुंचता था. ग्रामीणों के मुताबिक, गाय को आवारा कुत्ते ने कब काटा था, इसकी सही जानकारी नहीं मिल सकी. पिछले एक-दो दिनों से गाय की तबीयत खराब थी, लेकिन मंगलवार को उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई.
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पशुपालक ने उसे निजी पशु चिकित्सक डॉ. बेचन सिंह, डॉ. हरदेव यादव और डाड़ी खास पशु चिकित्सालय के चिकित्सक को दिखाया. पशु चिकित्सकों ने गाय को कुत्ते के काटने और रेबीज की आशंका जताई. बताया गया कि गाय कुछ देर बाद असामान्य व्यवहार करने लगी और भौंकने लगी. मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई. इसके बाद जब लोगों को गाय को कुत्ते के काटने की आशंका के बारे में पता चला तो वे डर गए.
2 दिनों में 450 लोगों ने लगवाई वैक्सीन
गाय की मौत की जानकारी सामने आने के बाद चरणामृत पीने वाले लोगों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी शुरू कर दी. मंगलवार को करीब 50 लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे और टीका लगवाया. वहीं, बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैंप लगाकर लोगों का टीकाकरण किया. फार्मासिस्ट सिद्धार्थ सिंह के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को वैक्सीन लगाई. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण टीकाकरण का काम लगातार चलता रहा. बुधवार शाम तक 400 लोगों को वैक्सीन लगाई गई. इस तरह मंगलवार और बुधवार को कुल करीब 450 लोगों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई.
डिप्टी CMO बोले- घबराने की जरूरत नहीं
गोरखपुर जिला चिकित्सालय के डिप्टी CMO डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित लोगों से बातचीत की गई. पता चला कि गाय के दूध से चरणामृत बनाया गया था. इसके बाद एहतियात के तौर पर करीब 450 लोगों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई है. डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि चरणामृत बनाने से पहले दूध को उबाला जाता है और फिर उससे दही तैयार किया जाता है. उन्होंने दूध उबालने के कारण संक्रमण का खतरा नहीं होने की बात कही और लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की.

प्रदीप कुमार तिवारी
प्रदीप कुमार तिवारी ने 2014 से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्होंने p7 न्यूज चैनल से करियर की शुरुवात की. प्रदीप कुमार तिवारी TV9 भारतवर्ष चैनल में आने से पहले Zee news में भी काम कर चुके हैं. प्रदीप को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है. कई वर्षों से डिजिटल में रहने की वजह से डिजिटल कंटेंट पर पकड़ अच्छी है. प्रदीप तिवारी पत्रकारिता के साथ-साथ एनीमेशन फील्ड में भी अच्छी पकड़ रखते हैं. उन्हें ग्राफिक डिजाइनिंग के साथ साथ 2D और 3D एनीमेशन की जानकारी अच्छी है. प्रदीप ने लगभग 2 वर्ष तक प्रभात खबर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम किया है.
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