4400करोड़ की लागत और गड्ढे में विकास! उद्घाटन से पहले धंसने लगी 'राम वन गमन पथ' की सड़क, 100 मीटर-4 जगह दरारें

Published on 6 सित॰ 2026

Time Published: Sunday, September 6, 2026, 19:39 [IST]

Ram Van Gaman Path Road Cracks: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी राम वन गमन पथ परियोजना को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा पुल के पास नवनिर्मित सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा चार जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया। कहीं सड़क में दरारें दिखाई दे रही हैं तो कहीं हिस्सा ही धंस गया। बारिश के बाद सामने आई इस स्थिति के चलते प्रभावित हिस्से पर आवागमन रोक दिया गया है।

धार्मिक पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम मानी जा रही इस परियोजना की सड़क में निर्माण के तुरंत बाद दरार और धंसाव सामने आने से स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों की मांग है कि महज क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत न कराई जाए, बल्कि इसकी तकनीकी जांच भी हो, ताकि यह पता चल सके कि सड़क आखिर क्यों धंसी।

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100 मीटर के दायरे में 4 जगह सड़क क्षतिग्रस्त

जानकारी के मुताबिक, श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा पुल की ओर जाने वाले मार्ग के करीब 100 मीटर हिस्से में चार स्थानों पर सड़क में दरार और धंसाव देखा गया है। स्थिति सामने आने के बाद इस हिस्से में यातायात रोक दिया गया।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि हाल में तैयार की गई सड़क बारिश का दबाव क्यों नहीं झेल पाई। उनका कहना है कि अगर निर्माण के दौरान तय मानकों और गुणवत्ता प्रक्रियाओं का पालन हुआ है तो तकनीकी जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

'बारिश के कारण क्षति हुई, जल्द होगी मरम्मत'

मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह ने बताया कि बारिश के कारण राम वन गमन पथ का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने प्रभावित हिस्से की जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।

हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ मरम्मत से सवाल खत्म नहीं होंगे। सड़क के नीचे की मिट्टी, बेस और सड़क की विभिन्न परतों, जल निकासी की व्यवस्था, निर्माण सामग्री और गुणवत्ता परीक्षण की जांच भी जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि धंसाव की वास्तविक वजह क्या रही।

210 किलोमीटर का है राम वन गमन मार्ग

राम वन गमन पथ को अयोध्या से चित्रकूट तक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग करीब 210 किलोमीटर लंबा है। परियोजना पर लगभग 4,400 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।

यह मार्ग अयोध्या से सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जेठवारा, श्रृंगवेरपुर, मंझनपुर और राजापुर होते हुए चित्रकूट को जोड़ने की योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क बेहतर करना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

श्रृंगवेरपुर में गंगा पर छह लेन का पुल अहम कड़ी

श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा नदी पर करीब 1,200 मीटर लंबा छह लेन का पुल भी इस कनेक्टिविटी परियोजना की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके जरिए प्रयागराज क्षेत्र को कौशांबी और आगे चित्रकूट की दिशा में बेहतर संपर्क देने की योजना है।

PNC Infratech का क्या है परियोजना से संबंध?

राम वन गमन पथ के इस हिस्से को लेकर PNC Infratech का नाम भी चर्चा में है। कंपनी का नाम श्रृंगवेरपुर में गंगा पर बनने वाले पुल और संबंधित सड़क परियोजना से जुड़े ठेके के संदर्भ में सामने आता रहा है।

PNC Infratech के प्रबंधन और प्रमोटर समूह में जैन परिवार के कई सदस्य शामिल रहे हैं। इनमें प्रदीप कुमार जैन, चक्रेश कुमार जैन और योगेश कुमार जैन प्रमुख नाम हैं। बीजेपी के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भी कंपनी से कारोबारी संबंध रहे हैं और उनके चुनावी हलफनामे में PNC Infratech के शेयरों में उनकी हिस्सेदारी का जिक्र किया गया था।

अब उठ रहे हैं ये बड़े सवाल

सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण और निगरानी से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मसलन...

  • सड़क निर्माण के दौरान किस स्तर की गुणवत्ता जांच की गई?
  • सड़क की नींव और मिट्टी की जांच के क्या नतीजे रहे?
  • निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट क्या कहती है?
  • NHAI या संबंधित एजेंसी ने निर्माण पूरा होने से पहले कौन-कौन से गुणवत्ता प्रमाणपत्र लिए?
  • ठेकेदार को भुगतान से पहले किन तकनीकी मानकों को पूरा किया गया?
  • क्या जल निकासी और बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था पर्याप्त थी?
  • सड़क धंसने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

PNC को मिले दूसरे प्रोजेक्ट भी चर्चा में, यूपी में बढ़ी कंपनी की पकड़

PNC Infratech को 2026 में उत्तर प्रदेश में लगातार कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें NHAI के हाईवे प्रोजेक्ट, लखनऊ में गोमती नदी किनारे फ्लाईओवर और कानपुर में गंगा नदी पर प्रस्तावित चार लेन पुल शामिल हैं। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इन परियोजनाओं की कुल लागत हजारों करोड़ रुपये में है।

NHAI के दो प्रोजेक्ट में ₹3,483 करोड़ की बोली

अप्रैल 2026 में PNC Infratech NHAI के उत्तर प्रदेश स्थित दो Hybrid Annuity Mode (HAM) प्रोजेक्ट्स के लिए L1 यानी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी। दोनों परियोजनाओं की संयुक्त Bid Project Cost करीब ₹3,483 करोड़ है। इनमें एक प्रमुख परियोजना बाराबंकी से मुस्तफाबाद के बीच NH-927 पर चार लेन हाईवे निर्माण से जुड़ी है।

लखनऊ में गोमती नदी किनारे ₹194.40 करोड़ का फ्लाईओवर

मई 2026 में PNC Infratech को Lucknow Development Authority से गोमती नदी के दाहिने किनारे Shaheed Path Intersection पर चार लेन फ्लाईओवर के निर्माण का प्रोजेक्ट मिला। परियोजना में दो लूप और दो रैंप भी शामिल हैं।

कंपनी को इस परियोजना के लिए ₹194.40 करोड़ (GST छोड़कर) का Letter of Acceptance मिला। इसे EPC आधार पर बनाया जाना है और परियोजना की निर्धारित अवधि 24 महीने है।

कानपुर में ₹559.53 करोड़ का गंगा पुल

इसी दौरान PNC Infratech और SPS Constructions India के 50:50 संयुक्त उपक्रम को UP State Bridge Corporation Limited से ₹559.53 करोड़ का EPC कॉन्ट्रैक्ट मिला। इसके तहत कानपुर में गंगा नदी पर चार लेन का प्रमुख पुल बनाया जाएगा। यह पुल Trans Ganga City को कानपुर शहर से जोड़ेगा। परियोजना में फुटपाथ, एप्रोच रोड और सुरक्षा संबंधी कार्य भी शामिल हैं। निर्माण की समयसीमा 36 महीने रखी गई है।

प्रयागराज-कौशांबी प्रोजेक्ट भी पूरा होने की ओर

PNC Infratech के प्रयागराज-कौशांबी रोड के Package-III HAM प्रोजेक्ट को भी 31 मार्च 2026 से कमर्शियल ऑपरेशन के लिए फिट घोषित किया गया था। कंपनी की बाद की जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना का Completion Certificate भी 2026 में प्राप्त हुआ।

महाराष्ट्र से लेकर यूपी तक बड़े प्रोजेक्ट

PNC Infratech की परियोजनाएं केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हैं। कंपनी के FY2025 निवेशक अपडेट के मुताबिक, 31 मार्च 2025 को उसका कुल ऑर्डर बुक करीब ₹17,792 करोड़ था। इसमें महाराष्ट्र में MSRDC के Jalna-Nanded और Pune Ring Road जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी शामिल थे।

इस लिहाज से कंपनी के पोर्टफोलियो में हाईवे, ब्रिज, फ्लाईओवर, वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य EPC परियोजनाएं शामिल हैं। कंपनी की अपनी प्रस्तुति के मुताबिक, 31 मार्च 2025 तक उसके ऑर्डर बुक में सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे और कैनाल EPC प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी करीब 83% थी।

यानी PNC Infratech के लिए 2026 उत्तर प्रदेश में खास तौर पर मजबूत साल रहा है, जहां कंपनी ने NHAI के ₹3,483 करोड़ के दो HAM प्रोजेक्ट्स के अलावा लखनऊ का करीब ₹194 करोड़ का फ्लाईओवर और कानपुर का ₹559.53 करोड़ का गंगा पुल भी हासिल किया।