रेलवन ऐप के 4.76 करोड़ डाउनलोड्स का आंकड़ा पार हुआ, प्रतिदिन औसतन 10 लाख टिकट बुकिंग का रिकॉर्ड बना

Published on 12 अग॰ 2026

author-image

New Update

Indian Railway

सांकेतिक तस्वीर Photograph: (File Photo)

आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की डिजिटल खरीद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेलवे ने 1 जुलाई, 2025 को रेलवन रेलवन ऐप लॉन्च किया है. यह ऐप यात्रियों को मोबाइल फोन पर आरक्षित और अनारक्षित टिकट बुक करने की सुविधा देता है. यह ऐप भारतीय रेलवे की सभी सार्वजनिक सेवाओं जैसे आरक्षित टिकट, अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन पूछताछ, पीएनआर पूछताछ, रेल सहायता आदि को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है. इससे यात्री आरक्षण प्रणाली की सुविधा यात्रियों की उंगलियों पर आ जाती है. ऐप सिंगल-साइन-ऑन (एसएसओ) सुविधा के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को कई सेवाओं का लाभ उठाने में सक्षम बनाता है, जिससे रेलवे के कई एप्लिकेशन डाउनलोड करने और कई पासवर्ड याद रखने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है.

वर्ष 2000 में शुरू की गई राष्ट्रीय रेल पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) यात्रियों को लगभग वास्तविक समय में ट्रेनों की जानकारी प्रदान करती है, जिसमें आगमन/प्रस्थान की स्थिति और ट्रेन कार्यक्रम शामिल हैं. यह जानकारी पूछताछ काउंटरों, एनटीईएस वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन (एंड्रॉइड और आईओएस) और राष्ट्रव्यापी रेल पूछताछ संख्या 139 जैसे विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध है. इसकी प्रमुख विशेषताओं में 'अपनी ट्रेन ढूंढें', 'लाइव स्टेशन', 'ट्रेन कार्यक्रम' और 'स्टेशनों के बीच ट्रेनें' शामिल हैं, जिससे यात्री आसानी से प्रामाणिक और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. एनटीईएस मोबाइल एप्लिकेशन अक्टूबर 2014 (एंड्रॉइड) और अक्टूबर 2015 (आईओएस) में लॉन्च किया गया था, जिसने 1 अगसत, 2026 तक एंड्रॉइड पर 4.5 करोड़ से अधिक और आईओएस पर 16 लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज किए हैं. एनटीईएस वर्तमान में लगभग 80,000 उपयोगकर्ताओं को संभालता है और प्रतिदिन 6 करोड़ से अधिक पूछताछों का निषपादन करता है. यात्रियों द्वारा इसकी व्यापक रूप से सराहना की गई है.

राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली (एनटीईएस) की शुरुआत से यात्रियों को वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन और रेल पूछताछ संख्या 139 सहित कई डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से ट्रेनों के संचालन की सटीक और लगभग वास्तविक समय की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो जाती है. इससे रेलवे पूछताछ काउंटरों पर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो गई है. परिणामस्वरूप पूछताछ काउंटरों पर लगने वाली कतारें और प्रतीक्षा समय कम हो गया है.

ट्रेन रद्द होने की स्थिति में ऑनलाइन ई-टिकटिंग सिस्टम एनजीईटी (नेक्स्ट जेनरेशन ई-टिकटिंग) ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय के तुरंत बाद स्वतः ही रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देता है और लागू रिफंड यात्री के बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है. ट्रेन रद्द होने से संबंधित स्वचालित रिफंड की सुविधा फिलहाल केवल ऑनलाइन बुक किए गए ई-टिकटों के लिए उपलब्ध है और काउंटर टिकटों के लिए उपलब्ध नहीं है. ऐसे मामलों में काउंटर टिकटधारक यात्री को निकटतम पीआरएस काउंटर पर जाना होगा.

रेलवन भारतीय रेलवे का आधिकारिक ऐप है, जो आईआर की सभी सार्वजनिक सेवाओं के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है. यह एक ही मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आरक्षित, अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग, यात्रा योजना, ट्रेन की जानकारी, यात्री सहायता और संबद्ध रेलवे सेवाएं प्रदान करता है.

वर्तमान में आरक्षित टिकटों में से लगभग 89 प्रतिशत ऑनलाइन बुक किए जाते हैं, जबकि 2013-14 में यह आंकड़ा लगभग 49 प्रतिशत था. काउंटर के अलावा अन्य माध्यमों से बुक किए गए अनारक्षित टिकटों की संख्या बढ़कर लगभग 39 प्रतिशत हो गई है.

केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना और प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी.

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें