बाढ़ ने पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में कई सारी सड़कों के हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. कई रोड तो कट भी गए हैं.
बाढ़ ने पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में कई सारी सड़कों के हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. कई रोड तो कट भी गए हैं.
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Assam Flood (ANI)
मानसून ने देश भर में दस्तक दे दी है. हर बार की तरह इस बार भी पूर्वी राज्य बारिश से सबसे ज्यादा परेशान है. दिल्ली में बारिश जहां गर्मी से राहत देती है तो वहीं असम में बारिश ने तबाही मचा दी है. असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. सोमवार तक छह जिलों में 4.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.
प्रभावित जिलों में शिवसागर, गोलाघाट, चराइदेव, नगांव, जोरहाट, कामरूप और नगांव शामिल हैं. बाढ़ से बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. हालांकि राहत की बात है कि अब तक किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर सामने नहीं आई है. अब तक किसी की जाने की खबर नहीं है.
631 गांव पानी में डूबे
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 27 जुलाई 2026 को रात 8 बजे तक के आंकड़ों की मानें तो 21 राजस्व क्षेत्रों के कुल 631 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं. बाढ़ से सबसे ज्यादा चराइदेव जिला प्रभावित है. जहां 1.88 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं. चराइदेव के बाद शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित है. यहां 1.44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
STORY | Assam flood situation improves even as toll rises to 68 with two more deaths
The death toll in this year's floods in Assam climbed to 68 with two more fatalities, while over 5.24 lakh people remained affected across five districts despite an overall improvement in the… pic.twitter.com/MAwFwRyVHL
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026
राज्य के कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है, वर्तमान में प्रदेश की 37,139.52 हेक्टेयर फसल पानी में डूबी हुई है. इसके अलावा, राज्य के पशुधन भी प्रभावित हुआ है. जानकारी के अनुसार, 2.56 लाख जानवर प्रभावित हुए हैं तो वहीं 26 हजार से अधिक जानवर बह गए हैं.
राहत कैंप में 28 हजार से अधिक लोग
नदियों के जलस्तर की बात करें तो नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है. हालांकि किसी भी नदी का जलस्तर बाढ़ के जलस्तर तक नहीं पहुंचा है. राज्य प्रशासन राहत कार्यों का काम तेजी से कर रहा है. अब तक 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र खोले गए हैं. अभी इन केंद्रों में 28,695 लोगों ने शरण ले रखी है, जिनमें 97 गर्भवती या फिर स्तनपान करवाने वाली महिलाएं हैं. 42 दिव्यांग भी इसमें शामिल हैं. बचाव कार्य जारी है. SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए 67 नावें तैनात की हुई हैं.
#WATCH | Jorhat, Assam: Relief work during the flood situation in the state is underway as the flood water is receding in Alengmora. pic.twitter.com/aVaRvxp5PT
— ANI (@ANI) July 26, 2026
बुनियादी ढांचों को हुआ भीषण नुकसान
बाढ़ ने पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है. चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट में कई सारी सड़कों के हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं. कई रोड तो कट भी गए हैं. इसके अलावा, 171 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. वहीं, 4,467 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है. ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी इलाके भी बाढ़ प्रभावित हैं. शहरी लोगों के विस्थापन की अब तक कोई खबर नहीं है.
पीएम-सीएम की स्थिति पर नजर- अय्यूबी
राज्य सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. शिवसागर और गोलाघाट जैसे प्रभावित इलाकों में लोगों को चावल, दाल और नमक जैसी राहत सामाग्री बांटी जा रही है. मामले में लोजपा (र) के प्रदेशाध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने कहा कि हालात बहुत खराब हो गए हैं. पीएम मोदी और सीएम सरमा हर एक चीज पर नजर रख रहे हैं. असम सरकार ने यहां राशन उपलब्ध करवाया है. हमने अब तक 2,400 परिवारों को राहत सामाग्री बांटी है.
VIDEO | Assam: Army air drops relief materials to flood affected villagers in Sivasagar.
The flood situation in Assam improved marginally on Monday, with no fresh fatalities reported in the last 24 hours, though 4.45 lakh people remain affected across six districts, an official… pic.twitter.com/kr4pQ3hti9
— Press Trust of India (@PTI_News) July 28, 2026