भारत ने एथलेटिक्स में जीता पहला गोल्ड, 4 लड़कियों ने मिलकर दिलाई ऐतिहासिक सफलता

Published on 29 सित॰ 2026

भारत ने एथलेटिक्स में जीता पहला गोल्ड, 4 लड़कियों ने मिलकर दिलाई ऐतिहासिक सफलता

पूवम्मा, किरण, प्राची और वित्या ने मिलकर भारत को गोल्ड दिलायाImage Credit source: PTI

एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल के लिए तरस रहे भारत को एथेलेटिक्स में एक जबरदस्त सफलता मिल गई. भारतीय महिला रिले टीम ने 4ंx400 मीटर रेस में पहला स्थान हासिल किया और गोल्ड अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही एथलेटिक्स में भारत का गोल्ड मेडल आ गया. प्राची, पूवम्मा, किरण और वित्या रामराज की चौकड़ी ने मिलकर इस फाइनल में हैरतअंगेज प्रदर्शन किया और 3:29.69 मिनट का समय निकालकर गोल्ड मेडल को भारत की झोली में डाला. मौजूदा गेम्स में भारत का ये कुल छठा और 10वें दिन का दूसरा गोल्ड मेडल है.

जापान के आइची-नागोया में चल रहे गेम्स में मंगलवार 29 सितंबर को एथलेटिक्स का आखिरी दिन था. इस तरह भारत के पास भी ट्रैक एंड फील्ड में ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतने का आखिरी मौका था. खास तौर पर भारत को एख गोल्ड मेडल की सख्त जरूरत थी, जो ट्रैक एंड फील्ड की शुरुआत से अभी तक नहीं आए थे. भारत ने 1994 एशियन गेम्स 2023 तक लगातार हर बार ट्रैक एंड फील्ड में कम से कम एक गोल्ड मेडल जीता था. ऐसे में सिलसिला टूटने का खतरा मंडरा रहा था.

पूवम्मा, किरण, प्राची और वित्या का कमाल

ट्रैक एंड फील्ड में लगातार सिल्वर और ब्रॉन्ज आ रहे थे और ये आखिरी दिन भी जारी था. मगर हर इवेंट के साथ गोल्ड का मौका फिसल रहा था.फिर आया बिल्कुल सेकेंड-लास्ट इवेंट, जिसमें भारत की 4 बेटियों ने ये इंतजार खत्म कर दिया. किरण ने इस फाइनल में भारत के लिए रेस की शुरुआत की और फिर पूवम्मा को बेटन पकड़ाई. 36 साल की पूवम्मा ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करते हुए भारत को टॉप-3 में पहुंचाया और आगे की जिम्मेदारी प्राची को दी. प्राची ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दूसरे स्थान पर पहुंचाया.

प्राची ने जैसे ही आखिरी राउंड के लिए बेटन वित्या रामराज को पकड़ाई, वहां से इस रेस का रुख बदल गया. एक दिन पहले ही महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने और पीटी उषा के सालों पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली वित्या ने फिर अपना कमाल दिखाया. 28 साल की वित्या ने तूफानी शुरुआत की और पहले स्थान पर चल रही चीन की रनर को पीछे छोड़कर नंबर-1 बनीं. मगर फिर बहरीन की रनर उनके बेहद करीब आई लेकिन वित्या ने उसे आगे नहीं निकलने दिया और देश को यादगार गोल्ड मेडल जितवाकर ही दम लिया.

वित्या का तीसरा मेडल

वित्या के लिए ये मेडल इसलिए भी खास है क्योंकि उनका मौजूदा एशियन गेम्स में तीसरा मेडल है. सबसे पहले उन्होंने 4 x 400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद उन्होंने 400 मीटर हर्डल्स का ब्रॉन्ज मेडल जीता. यहां उन्होंने महान रनर पीटी उषा का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ा. कुछ वक्त पहले ही वित्या ने पीटी उषा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी लेकिन अब ये रिकॉर्ड पूरी तरह उनके नाम हो गया.

सुमित सुन्द्रियाल

सुमित सुन्द्रियाल

इस वक्त TV9 हिंदी (स्पोर्ट्स 9) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (स्पोर्ट्स) की भूमिका में हूं. यहां तक पहुंचने की शुरुआत 2009 से हुई, जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मास मीडिया ऑनर्स कोर्स (2009-12) में एडमिशन लिया. फिर 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा किया. यहीं से 2013 में पहली बार पेशेवर पत्रकारिता में कदम रखे और सबसे पहले न्यूज 18 इंडिया टीवी चैनल में जगह बनाई. डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेने से पहले करीब 6 साल टीवी इंडस्ट्री में ही गुजरे, जहां असानमेंट डेस्क पर काम किया. असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए जानकारी जुटाना सबसे अहम काम होता है और उस खबर के हर पहलू को जांचना और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होती है. यही काम न्यूज 18 इंडिया में रहते हुए किया. इसके बाद खेल और खेल की खबरों के मोह ने डिजिटल जर्नलिज्म की ओर मोड़ा और एक नया सफर शुरू हुआ. इसकी शुरुआत IPL 2019 के दौरान हुई, जब क्विंट हिंदी का दामन थामा. एक साल क्विंट के साथ खेल की खबरें लिखने के बाद इसी काम में नया मुकाम हासिल करने के लिए TV9 हिंदी से रिश्ता जुड़ा. पिछले 3 साल से यहीं पर खेल की हर छोटी-बड़ी, गंभीर और मजेदार खबरें आप तक पहुंचा रहां हूं और लगातार बेहतर तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहा हूं.

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