4 साल बाद एंटीलिया विस्फोटक मामले में सचिन वाजे को बेल, क्या जेल से आ सकेंगे बाहर?

Published on 29 सित॰ 2026

एंटीलिया विस्फोटक मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जमानत मिल गई है. वो 2021 में गिरफ्तार हुए थे. हालांकि, वाजे अभी जेल में ही रहेंगे क्योंकि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वे अभी भी हिरासत में हैं. इस मामले में मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक से भरी एक SUV मिली थी. वाजे को ठाणे के व्यापारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में भी जमानत मिल गई है.

इनमें मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाज़ुद्दीन काजी के नाम शामिल हैं. स्पेशल कोर्ट ने 1 अगस्त को उनके खिलाफ आरोप तय किए थे. इसके बाद, आरोपियों पर हत्या, जबरन वसूली, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश रचने के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा.

कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने के दिए निर्देश

वाजे को 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की लोकल जमानत पर रिहा किया गया है. ये जमानत लगभग साढ़े पांच साल की लंबी जेल की सजा के बाद दी गई है. कोर्ट ने वाजे को निर्देश दिया है कि अगर उनके पास पासपोर्ट है, तो वे उसे NIA के पास जमा करा दें.

इन 5 जिलों में घुसने पर रोक

जब तक अहम गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो जाते, तब तक वाजे पर मुंबई समेत 5 जिलों में घुसने पर रोक लगा दी गई है. मुंबई, नवी मुंबई, रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों में रहने पर भी रोक है. इन ज़िलों में सिर्फ कोर्ट के काम से आने की इजाज़त दी गई है. NIA को 7 दिनों के अंदर अपने रहने की जगह का पता बताने का निर्देश दिया गया है. साथ ही, हर रविवार दोपहर 12 से 3 बजे के बीच स्थानीय पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाना जरूरी कर दिया गया है. कोर्ट ने गवाहों से संपर्क न करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने का आदेश दिया है.

वाजे को लंबी जेल की सजा के आधार पर जमानत दी गई, क्योंकि वह लगभग साढ़े पांच साल से जेल में थे. वाजे एंटीलिया बम धमाके और मनसुख हिरेन हत्याकांड के आरोपी हैं. जमानत देते समय कोर्ट के सामने लंबे समय तक जेल में रहने का मुद्दा अहम रहा.

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह

जयप्रकाश सिंह का नाम देश के चुनिंदा क्राइम रिपोर्टर में आता है. लंबे समय से टीवी जर्नलिस्ट के तौर पर सेवाएं जारीं. करीब तीन दशकों से सक्रिय पत्रकारिता का हिस्सा. प्रोड्यूसर, एंकर और क्राइम रिपोर्टर की भूमिका. फिलहाल टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में मुंबई से कार्यरत. इसके पहले 2012 से 2022 तक मुंबई में इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ रहे. 2005 से 2012 तक नेटवर्क18 ग्रुप के आईबीएन7 चैनल में डिप्टी ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी संभाली. 2004 से 2005 तक सहारा समय मुंबई में बतौर सीनियर स्पेशल कॉरस्पॉन्डेंट काम किया. 2002 से 2004 तक मुंबई ब्यूरो में बीएजी फिल्म्स के चीफ रहे. नवभारत टाइम्स मुंबई में 1997 में जॉइन किया और यहां 2 साल काम किया. इससे पहले भी चार संस्थानों में काम किया.

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