आज 3 अगस्त है और दिल्ली-एनसीआर के शिव भक्तों के लिए सावन का सोमवार बेहद खास है। व्रत खोलने के लिए लोग अब शुद्ध सात्विक भोजन की तलाश कर रहे हैं। इन खास थालियों में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता। इनमें कुट्टू का आटा और सेंधा नमक जैसी शुद्ध चीजों का इस्तेमाल होता है। आज दोपहर और रात के खाने के लिए स्थानीय रेस्टोरेंट्स में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
शहर के बड़े फूड चेन्स ने किफायती दामों पर स्टैंडर्ड 'व्रत थाली' पेश की है। ज्यादातर परिवारों की पहली पसंद हल्दीराम और बीकानेरवाला ही हैं। इनकी थाली में आमतौर पर साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी और ताजा दही मिलता है। ये आउटलेट्स दोपहर से लेकर देर रात तक खुले रहते हैं। एक थाली की कीमत 400 से 600 रुपये के बीच है। आप इन्हें फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए घर भी मंगवा सकते हैं।
दिल्ली में सावन सोमवार की सात्विक थाली के लिए बेस्ट रेस्टोरेंट्स
अगर आप कुछ प्रीमियम ट्राई करना चाहते हैं, तो पंडारा रोड या सेलेक्ट सिटीवॉक का रुख करें। सावन के दौरान गुलाटी (Gulati) अपने शानदार सात्विक मेन्यू के लिए काफी मशहूर है। इनकी थाली में पनीर मखनी और सामक के चावल की खीर जैसे लजीज व्यंजन शामिल हैं। यहाँ कीमतें थोड़ी ज्यादा हैं, जो अक्सर 1000 रुपये के पार चली जाती हैं। शाम को मंदिरों के दर्शन के बाद यहाँ भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए लंबी कतारों से बचने के लिए ऑनलाइन टेबल बुकिंग करना ही समझदारी है।
| रेस्टोरेंट का नाम | कीमत (अनुमानित) | नजदीकी मेट्रो स्टेशन |
|---|---|---|
| Haldiram's | ₹350 - ₹550 | विभिन्न (येलो/ब्लू लाइन) |
| Bikanervala | ₹400 - ₹600 | विभिन्न (क्षेत्रीय हब) |
| Gulati | ₹850 - ₹1200 | खान मार्केट |
| Sattvik | ₹900 - ₹1300 | साकेत |
दिल्ली में सात्विक थाली खोजने के लिए कुछ जरूरी बातें
सोमवार को शहर के ट्रैफिक से निपटने के लिए स्मार्ट प्लानिंग जरूरी है। फूड हब्स तक जल्दी पहुंचने के लिए दिल्ली मेट्रो (DM) का इस्तेमाल करें। खान मार्केट और चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन से आप इन मशहूर जगहों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। सड़क किनारे लगे स्टॉल्स पर खाने से पहले साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें। आजकल लगभग सभी वेंडर्स UPI पेमेंट लेते हैं, जिससे भीड़-भाड़ के समय आपका काम आसान हो जाता है और समय भी बचता है।
असली सात्विक भोजन पूरी तरह से पारंपरिक वैदिक नियमों के अनुसार तैयार किया जाता है। इसमें साधारण गेहूं की जगह सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल होता है। दिनभर की ऊर्जा के लिए ताजे फल और डेयरी प्रोडक्ट्स भी शामिल किए जाते हैं। ये पौष्टिक थालियां परंपरा और स्वाद का बेहतरीन संगम हैं, जो सावन के दौरान दिल्ली की खान-पान संस्कृति को दर्शाती हैं। आज अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस खास भोजन का आनंद लें।